'पाप करके लोग गंगा नहाने...', अखिलेश यादव के बयान पर स्वामी विष्णुदास का पलटवार कर दी मायावी राक्षस कालिनेमि से तुलना

अखिलेश यादव ने महाकुंभ में स्नान के लिए जाने वाले पर तंज कसा था कि जो पाप करते हैं वही गंगा नहाने जाते हैं। अब स्वामी विष्णुदास ने अखिलेश पर पलटवार किया है।

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अखिलेश यादव के बयान पर स्वामी विष्णुदास का पलटवार कर दी मायावी राक्षस कालिनेमि से तुलना | Image: Republic and X

Swamidas Slams Akhilesh Yadav said Kalinemi: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मकर संक्रांति के दिन महाकुंभ में स्नान नहीं किया बल्कि हरिद्वार में वो गंगा स्नान के लिए गए। इतना ही नहीं उन्होंने हरिद्वार में गंगा स्नान की वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके पहले अखिलेश यादव ने महाकुंभ में स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं पर तंज कसते हुए कहा था कि जो लोग पाप करते हैं वही गंगा नहाने जाते हैं। अब इस बयान पर स्वामी विष्णुदास ने अखिलेश यादव पर हमला बोला है। उन्होंने सपा मुखिया पर तंज कसते हुए उन्हें कालिनेमि तक कह डाला है।


स्वामी विष्णुदेव ने कहा, 'वो अमृतकुंभ है महाकुंभ है प्रयागराज में लगा हुआ है उस कुंभ के विषय में... मां गंगा के विषय में आप इतना नफरत भरा बयान देते हैं कि लोग वहां पाप धुलने जाते हैं। इस प्रकार आप बयान देंगे तो हमारे साधु-संतों और हिन्दू भाइयों को चोट पहुंचेगी। आप केवल हिन्दू भाइयों और साधु-संतों को ही चोट पहुंचाने के लिए बयानबाजी करते हैं। नहीं अखिलेश यादव जी ऐसा करने से कुछ नहीं मिलेगा बल्कि समाज में नफरत फैलेगा। इसलिए हे अखिलेश यादव जी समाज में नफरत फैलाने के लिए इस प्रकार की बयानबाजी मत कीजिए आप।'


अखिलेश यादव की कालिनेमि से की तुलना

सारे तीर्थों के राजा श्री प्रयागराज हैं और उस प्रयागराज में महाकुंभ लगा हुआ है जहां सभी श्रद्धालु आकर के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाते हैं और मां गंगा का आशीर्वाद मिलता है। मगर अखिलेश यादव जी का बीच में बयान आया कि गंगा में लोग पाप धोने जाते हैं। मैं अखिलेश यादव जी से कहना चाहता हूं कि आप हरिद्वार में क्यों गए थे और वहां पर गंगा जी में डुबकी क्यों लगाई थी? गंगा स्नान के बाद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर क्यों डाला? आपने कालिनेमि जैसा रूप दिखाया क्या? हे अखिलेश यादव जी आप अपने बयानों में फंस जाते हैं। इसीलिए आप को भगवान राम जी सद्बुद्धि दें और जब आपको सद्बुद्धि मिल जाएगी तब आप ऐसे बयान नहीं देंगे।


कौन था कालिनेमि? (Who Was Kalinemi) जानिए यहां

रामायण में लंका विजय अभियान पर निकल भगवान राम का जब रावण से युद्ध चल रहा था तभी रावण का बेटा मेघनाथ लक्ष्मण जी को शक्ति बाण मार देता है। इस घातक प्रहार से वो मूर्छित होकर धरती पर गिर पड़ते हैं और चेतनाविहीन हो जाते हैं ऐसे में लंका से आए सुषेण वैद्य हनुमान को हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं। जब हनुमान जी संजीवनी लाने के लिए निकलते हैं तो रावण उन्हें रोकने के लिए अपने मायावी राक्षण कालिनेमि को बुलाता है और उसे हनुमान को सूर्योदय तक रोकने के लिए कहता है। कालिनेमी एक ऋषि के भेष में एक मायावी कुटिया बनाकर खुद को रामभक्त दिखाते हुए रामधुनी गाता है तभी हनुमान जलपान के लिए कुटिया में रुक जाते हैं लेकिन उन्हें थोड़ी देर में इस बात का पता चल जाता है कि ये ऋषि नहीं बल्कि मायावी राक्षस है तब हनुमान उसका वध करके संजीवनी बूटी के लिए निकल पड़ते हैं।

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मकर संक्रांति पर हरिद्वार में अखिलेश ने किया था स्नान

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को मकर संक्रांति के पर्व पर गंगा नदी में स्नान किया था। सपा प्रमुख यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने आधिकारिक खाते पर एक पोस्ट में कहा था, 'मकर संक्रांति के पावन पर्व पर लिया मां गंगा का आशीर्वाद।'  यादव ने इस पोस्ट में गंगा नदी में स्नान करते हुए अपनी तस्वीरें भी साझा की हैं। यादव के पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने कहां गंगा स्नान किया लेकिन सूत्रों ने बताया कि सपा प्रमुख मकर संक्रांति के पर्व पर उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा स्नान करने गए थे।
    

'गंगा में पाप धोने के लिए जाते हैं लोग'

इसके पहले यहां सपा मुख्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती ( 12 जनवरी) पर आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों ने कुंभ में जाने के बारे में  जब अखिलेश यादव से सवाल किया तो उन्होंने कहा था, 'मैं हमेशा कुंभ गया हूं और आप कहो तो वह तस्वीर भी साझा कर सकता हूं, जब मैंने समय-समय पर गंगा में स्नान किया है। कम से कम वह भी तस्वीरें साझा करें जो दूसरों को कह रहे हैं कि गंगा में नहाओ।' इसके पहले अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा था, 'कुछ लोग पुण्य करने के इरादे से स्नान करने गंगा जाते हैं, कुछ लोग दान करने जाते हैं और कुछ लोग अपने पाप धोने जाते हैं। हम लोग पुण्य और दान के लिए जाएंगे।' सपा प्रमुख ने 2919 में भी कुंभ के आयोजन में प्रयागराज में गंगा स्नान किए थे।

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड