महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद से अब नाना पटोले की छुट्टी, जानिए अब किसको मिली कमान
नाना पटोले की अध्यक्षता में कांग्रेस ने महाविकास अघाड़ी गुट का नेतृत्व करते हुए शिवसेना उद्धव बाला साहेब और एनसीपी शरद पवार के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
- भारत
- 3 min read

New Maharashtra Congress President: दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिलने और अपना खाता भी नहीं खुल पाने की टीस कांग्रेस में साफ तौर पर दिखाई दे रही है। इसके पहले महाराष्ट्र में भी कांग्रेस महाविकास अघाड़ी की अगुवई में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। अब महाराष्ट्र में कांग्रेस ने अचानक से बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने गुरुवार (13 फरवरी) को नाना पटोले को महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया है और अब उनकी जगह हर्षवर्धन वसंतराव सपकाल को महाराष्ट्र कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके पहले महाराष्ट्र में शिकस्त के बाद नाना पटोले ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद से खुद के इस्तीफा देने की पेशकश कर चुके थे। नाना पटोले की अध्यक्षता में कांग्रेस ने महाविकास अघाड़ी गुट का नेतृत्व करते हुए शिवसेना उद्धव बाला साहेब और एनसीपी शरद पवार के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। नाना पटोले के नेतृत्व में कांग्रेस को महज 16 सीटों पर ही जीत मिल पाई थी।
इस करारी हार के बाद से ही महाराष्ट्र कांग्रेस में नाना पटोले के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि विधानसभा चुनाव से पहले लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में नाना पटोले की अध्यक्षता में कांग्रेस ने सूबे की 48 में 13 सीटें जीती थी। इस जीत के साथ ऐसा लग रहा था कि नाना पटोले विधानसभा चुनाव में पार्टी को और भी ऊंचाइयों तक ले जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सकता और कांग्रेस विधानसभा चुनाव में महज 16 सीटों पर सिमट गई और महाराष्ट्र कांग्रेस नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर से ही विरोध के सुर उठने लगे थे। इसके बाद आलाकमान ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए बड़ा फैसला लिया।
कौन हैं हर्षवर्धन सपकाल?
हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वो साल 2024 के अगस्त महीने में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन का अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। इसके पहले इस पद पर मीनाक्षी नटराजन थीं। इसके पहले हर्षवर्धन साल 2014 के विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र की बुलढाणा सीट से विधायक चुने गए थे। वहीं साल 2019 के विधानसभा चुनाव में वो ये सीट नहीं निकाल पाए और चुनाव हार गए। वहीं इसके बाद साल 2024 के विधानसभ चुनाव में ये सीट उद्धव ठाकरे गुट के कोटे में चली गई थी जहां शिवसेना शिंदे गुट के संजय गायकवाड़ ने बाजी मारी।
बुलढाणा जिले से है हर्षवर्धन सपकाल का नाता
हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र में 22 मार्च 2017 को राज्य के बजट सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर बजट की प्रतिया जलाने के लिए 18 विधायकों के साथ 31 दिसंबर तक के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसके 4 दिन बाद उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार को भी बाधित करने की कोशिश की थी। हर्षवर्धन वसंतराव सपकाल महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से आते हैं। उन्होंने बी.कॉम किया है।