संदेशखाली जाने से रोके गए सुवेंदु अधिकारी, रिपब्लिक रिपोर्टर की गिरफ्तारी पर ब्लैक डे का किया ऐलान

रिपब्लिक रिपोर्टर की गिरफ्तारी से नाराज सुवेंदु अधिकारी ने ब्लैक डे का ऐलान किया। कोलकाता पुलिस ने उन्हें संदेशखाली जाने से रोका।

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Sandeshkhali Violence: संदेशखाली हिंसा को लेकर रिपब्लिक को रिपोर्टर ने सच दिखाने की कोशिश की तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद से ममता सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली जाने से रोक दिया गया है। वहीं रिपोर्टर की गिरफ्तारी के बाद सुवेंदु अधिकारी ने ब्लैक डे का ऐलान किया है। इतना ही नहीं उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डीपी हटाकर ब्लैक फोटो लगा दी है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेतृत्व में हो रहे अत्याचारों और यौन उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इलाके में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मंगलवार को भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी आज संदेशखाली जा रहे थे लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया गया। बता दें, अधिकारी को पहले भी दो बार क्षेत्र का दौरा करने से रोक दिया गया था।

रिपब्लिक मीडिया के रिपोर्टर की गिरफ्तारी पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा,

"पूरा पुलिस फोर्स राजीव कुमार के अंडर में है। CRPC IPC के अंदर पुलिस काम नहीं कर रही है। बंगाल की जनता टीएमसी के साथ नहीं है। इसलिए ममता दीदी ऐसा कर रही है। एक नेशनल चैनल के पत्रकार को अरेस्ट कर लिया गया। इसलिए हम सभी विधायक एक काला रिबन लेकर ब्लैक डे प्रोटेस्ट कर रहे हैं। मीडिया ज्यूडिशियरी का चौथा स्तंभ है। जिस तरीके के एय युवा पक्षत्रकार को काम करते हुए अरेस्ट किया गया, कल रात को उन्हें खाना नहीं दिया गया। उनका कसूर क्या है? उन्होंने ईडी को लेकर बस भतीजे से सवाल पूछा था। किसी में हिम्मत नहीं था ममता सरकार से सवाल करने का। रिपब्लिक के पत्रकार ने ये हिम्मत दिखाई तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर भी किया जा रहा है।"

हाईकोर्ट से संदेशखाली जाने की मिली थी इजाजत

कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली जाने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट ने भाजपा के नेता को अशांत क्षेत्र में कोई भी भड़काऊ भाषण नहीं देने या किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा नहीं करने का भी निर्देश दिया। वहीं भाजपा नेता अधिकारी ने कहा, “मैं वहां जाना चाहता हूं और स्थानीय लोगों से बात करना चाहता हूं। मैं वहां के लोगों के साथ खड़ा रहना चाहता हूं।” 

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कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रही ममता सरकार और पुलिस

संदेशखाली जाने से रोके जाने पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा,  कोर्ट के आदेश के बाद भी हमें रोका जा रहा है। पुलिस अधिकारी मुझे बोल रहे है sec 144 लागू किया गया है। मैं विपक्ष का लीडर हूं, मुझे जाने से रोका जा रहा है। ये कोर्ट के आदेश की उल्लंघन कर रहे हैं। ममता पुलिस कोलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रही है। मैं 1 घंटे का समय दे रहा हूं, फिर में गाड़ी घुमा कर सीधा कोर्ट जाऊंगा।

राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग तेज

संदेशखाली में घटनाक्रम की कवरेज के लिये रिपब्लिक बंग्ला के एक पत्रकार को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। कोलकाता पुलिस का कहना है कि पत्रकार को एक स्थानीय महिला के घर में जबरन घुसने की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, कोलकाता प्रेस क्लब ने भी गिरफ्तारी की निंदा की है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सोमवार को संदेशखालि में अशांति के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। ममता सरकार ने इसपर पलटवार करते हुए आयोग पर भाजपा के मुद्दे को दोहराने का आरोप लगाया। संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर जबरदस्ती जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। मामले का दूसरा आरोपी शाहजहां का करीबी हाजरे गिरफ्तार हो चुका है। हालांकि, मुख्य आरोपी शाहजहां शेख अभी भी फरार है।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड