RSS चीफ के तीन से अधिक बच्चों वाले बयान पर भड़के इमरान मसूद, बोले- 'मोहन भागवत ने अपनी सोच....'

RSS चीफ मोहन भागवत के तीन से ज्यादा बच्चे वाले बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भड़क गए। उन्होंने कहा कि मोगहन भागवत अपनी सोच के हिसाब से बोल रहे।

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Congress MP Imran Masood
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद | Image: ANI

बीते दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर 1 दिसंबर को बयान दिया, जिसके बाद सियासी गलियारे की हलचल तेज हो गई। एक तरफ संत समाज संघ प्रमुख के बयान के समर्थन में खड़े हो गए, तो वहीं वपक्षी दल लगातार हमलावर है। इस बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान भी सामने आया है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "मोहन भागवत के बयान को कौन समझ रहा है? कोई समझ नहीं रहा है। मोहन भागवत ने अपनी सोच के हिसाब से बयान दिया है। जनसंख्या अपने आप में देश का बहुत बड़ा मुद्दा है। इस मुद्दे पर अगर कुछ बोलेंगे तो दूसरी तरफ से ले जाएंगे। बेहतर यही है कि मोहन भागवत ने जो कहा है सोच समझकर ही कहा होगा।"

वहीं AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। इसे लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि हां तो चलानी चाहिए ना देश के अंदर स्कीम चलनी चाहिए क्यों नहीं चलनी चाहिए ।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा को लेकर क्या बोले इमरान मसूद?

कांग्रेस सांसद ने कहा, "देश के लिए इस समय यह बात समझने की है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर इस समय अत्याचार हो रहा है वह बड़ा मुद्दा है भारत सरकार को सख्त एक्शन लेना चाहिए क्यों नहीं कुछ कर पा रहे हैं। 1991 के वरशिप एक्ट को सख्ती से अमल होना चाहिए। यह पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा कर देगा। स्थिति कब शांत करेंगे वह बता दें पीड़ित लोगों के दर्द में शिरकत करना चाहते हैं शांति के दूत हैं नफरत के दूत नहीं हैं।

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वहीं वक्फ बोर्ड को लेकर उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार उस पर जवाब दे क्यों भंग कर दिया है? हो सकता है कि वक्फ बोर्ड के अंदर कुछ खामियां हो, हम चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड का कानून मजबूत बने जो कि संपत्तियों पर कब्जा करके बैठे हैं। वक्फ बोर्ड को उससे निजात मिले।

मोहन भागवत के बयान पर ओवैसी का तंज

मोहन भागवत के बच्चे वाले बयान पर AIMIM चीफ ओवैसी ने कहा, "मैं मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि वह अधिक बच्चे पैदा करने वालों को क्या देंगे? क्या वह अधिक बच्चे पैदा करने वालों के बैंक खातों में 1500 रुपये देंगे? क्या वह इसके लिए कोई योजना लाएंगे? जब मोहन भागवत अपने किसी करीबी को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें इसके लिए कोई योजना लानी चाहिए।"

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं का नाम लिए बगैर भारत में उनकी घटती जनसंख्या पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि जनसंख्या विज्ञान के अनुसार किसी समाज की कुल प्रजनन दर 2.1 से नीचे जाती है तो यह विलुप्त होने के कगार पर पहुंच सकता है। इसलिए कम से कम तीन बच्चे पैदा करना बेहद जरूरी है।

क्या था मोहन भागवत का बयान?

उन्होंने साल 1998 और 2002 में तय की गई जनसंख्या नीति का हवाला देते हुए आगे कहा, 'देश में किसी भी समुदाय की जनसंख्या 2.1 से नीचे नहीं जानी चाहिए। हमारे देश की जनसंख्या नीति 1998 या 2002 में तय की गई थी। किसी समाज की जनसंख्या 2.1 से कम नहीं होनी चाहिए। हमें दो या तीन से अधिक की बच्चों की जन्म दर की जरूरत होती है, जनसंख्या विज्ञान यही कहता है। आधुनिक जनसंख्या विज्ञान कहता है कि जब किसी समाज की जनसंख्या (प्रजनन दर) 2.1 से नीचे चली जाती है, तो वो समाज धरती से लुप्त हो जाता है।वो समाज तब भी नष्ट हो जाता है, जब कोई संकट नहीं होता। इस तरह से कई भाषाएं और समाज नष्ट हो गए।'

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड