'हम गिनती की बात करें तो लोग समझते कि हम बांट रहे हैं', जाति जनगणना पर भड़के तेजस्वी यादव
RJD नेता तेजस्वी यादव एक बार फिर से जाति जनणना को लेकर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि हम गिनती की बात करें तो लोग समझते कि हम बांट रहे हैं।
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जाति जनगणना को लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा कि अगर हम जाति जनगणना की बात करते हैं तो लोग समझते हैं कि हम बांटने का काम कर रहे हैं।
राजद नेता तेजस्वी ने कहा, "आखिर क्यों सभी बड़े समाजवादी नेताओं ने समय-समय पर जाति आधारित जनगणना की बात की? आज भी समाज में भेदभाव होता है। जाति का नाम लेकर गाली दी जाती है। दलित के बेटे की शादी में वे मंदिर में पूजा नहीं करेगा। यह क्या व्यवस्था है? आज जब हम लोग गिनती की बात करते हैं तो वो लोग कहते हैं कि हम बांटने की बात कर रहे हैं। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि लोग अपने नाम के आगे नाम लिखते हैं, ये क्या तेजस्वी, लालू या राष्ट्रीय जनता दल ने बनाया?"
'सबसे ज्यादा गरीबी किस जाति में है? ये पता करो'
उन्होंने कहा कि किसने यादव, मिश्रा, दास या कुशवाहा बनाया। हम तो कह रहे हैं कि चाहें कोई भी जाति के लोग हों आज उनकी स्थिति क्या है यह पता करो। यह पता करो कि गरीबी सबसे ज्यादा किस जाति में है उसका पता करो और फिर उस जात को गरीबी से निकालो। हम केवल इतना ही चाहते हैं।
हमने तय किया आरक्षण बढ़ा दें, लेकिन पलटू चाचा पलट गए: तेजस्वी यादव
CM नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "हम लोगों ने तय किया कि हम लोग आरक्षण को बढ़ा दें क्योंकि जितनी जिसकी आबादी उसी हिसाब से उसे उसका उतना अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन इतने में हमारे चाचा जी(नीतीश कुमार) पलट गए। हम लोग नौकरी दे रहे थे, आरक्षण बढ़ा रहे थे, जाति आधारित जनगणना करवा रहे थे। उन्हीं के मंत्री ने मेरे साथ बैठकर प्रेस वार्ता की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार कहते थे कि जब हम जातिगत जनगणना करवा रहे थे तो भाजपा वाले कोर्ट चले गए।"