'युवराज का चक्की पीसने का समय आ गया', कल्याण बनर्जी ने दिया ममता बनर्जी को अल्टीमेटम तो बोले रिजू दत्ता, कहा- अकेले अभिषेक ने...
TMC: दिग्गज TMC लीडर कल्याण बनर्जी ने अब ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दे दिया है कि वह उनमें और अभिषेक बनर्जी में से किसी एक को चुन लें। उन्होंने अभिषेक का केस लड़ने से भी इनकार कर दिया, जिस पर निलंबित TMC सांसद रिजू दत्ता ने निशाना साधते हुए कहा कि अब युवराज का चक्की पीसने का समय आ गया है।
- भारत
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Riju Dutta Statement: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममत बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। एक और करीबी सांसद ने उन्हें बड़ा झटका दिया है। कल्याण बनर्जी ने ममता को उनमें या अभिषेक बनर्जी में से एक को चुनने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही उन्होंने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक का केस लड़ने से भी इनकार कर दिया। इस पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित सांसद रिजू दत्ता ने निशाना साधते हुए कहा कि युवराज का अब चक्की पीसने का समय आ गया है।
‘पार्षद बनने लायक भी नहीं हैं अभिषेक बनर्जी’
उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी ने लंबे समय तक ममता बनर्जी का समर्थन करने की कोशिश की। कल्याण बनर्जी जो बात बोल रहे हैं, वहीं बात रिजू दत्ता, शताब्दी रॉय, कालकोली घोष भी बोल रहे हैं। एक ऐसा व्यक्ति जो पार्षद बनने के भी लायक नहीं है। ममता बनर्जी ने धृतराष्ट्र की तरह अपनी आंखें बंद कर लीं और राजनीति में उस व्यक्ति को स्थापित करने के लिए सबको दरकिनार कर दिया।
रिजू दत्ता ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने सालों तक सांसदों और विधायकों का अपमान किया। मेरे जैसे प्रवक्ताओं को गुलामों की तरह समझा और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने अकेले ही TMC को बर्बाद कर दिया और उसके पतन का कारण बने।
एक अकेले व्यक्ति ने पार्टी को बर्बार कर दिया- रिजू दत्ता
निलंबित TMC सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी ने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से खड़ा किया था। दीदी को जिम्मेदारी लेनी होगी, ऐसे एक व्यक्ति जिसकी योग्यता नहीं है, उसको स्थापित करने के लिए उसके हर दुष्कर्म के साथ आंख मूंद ली थी। दीदी का नाम एक दुष्कर्म में नहीं है। अभिषेक का नाम ईडी केस में, कोयला तस्करी मामले में, सीबीआई गाय तस्कारी में, शिक्षक भर्ती घोटाला और अब अपने विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले में CID इनको ढूंढ रही है।
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उन्होंने पूछा कि कौन हैं ये व्यक्ति, कितना बड़ा है? दीदी के चलते सबने इनको मान लिया था। सुवेंदु अधिकारी को पार्टी से बाहर निकाल दिया। उन्होंने ही तापस रॉय और निसिथ प्रामाणिक को पार्टी से निकाला। एक अकेले व्यक्ति ने पार्टी को तबाह कर दिया, उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल कर दिया और उसके सम्मान को मिट्टी में मिला दिया। सब कुछ पैसे के लिए। आने वाले दिनों में इस व्यक्ति का भविष्य अच्छा नहीं है।
कल्याण बनर्जी क्यों हुए नाराज?
अब TMC के वरिष्ठ नेता और सीनियर वकील कल्याण बनर्जी नाराज हो गए हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के सामने शर्त रख दी है कि अब उन्हें तय करना होगा कि पार्टी में अभिषेक रहेंगे या कल्याण बनर्जी।
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कल्याण बनर्जी ने साफ कहा, "मैं अभिषेक बनर्जी का कोई भी केस नहीं लड़ूंगा क्योंकि मुझे उनका घमंडी रवैया पसंद नहीं है। मैंने इस पेशे में 45 साल बिताए हैं। ये सभी लोग मेरे साथ जूनियर के तौर पर काम कर चुके हैं। वह मेरा अपमान कैसे कर सकते हैं? राजनीति में भी मैं उनसे सीनियर हूं। वे ऐसा नहीं कर सकते।"
उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक को यह समझना होगा कि उन्हीं की वजह से हम हारे। उन्हें यह भी समझना होगा कि पार्टी उन्हीं की वजह से इस संकट का सामना कर रही है। मैं अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं दीदी से गुजारिश करूंगा कि अगर आप अभिषेक बनर्जी पर निर्भर रहेंगी, तो उन्हीं के साथ रहें- मुझे छोड़ दें। अगर आप अभिषेक बनर्जी से अलग हो जाती हैं तो मैं आपके साथ हूं। उन्होंने हमारी पार्टी को बर्बाद कर दिया है।