राजस्थान के स्कूलों में सूर्य नमस्कार जरूरी, भजन लाल सरकार ने क्यों लिया फैसला?

Surya Namaskar : राजस्थान के शिक्षा विभाग ने मंगलवार रात एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि राज्यभर के सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य होगा।

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Rajasthan School Surya Namaskar
राजस्थान में 15 फरवरी तक स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य | Image: File Photos

Rajasthan Surya Namaskar: राजस्थान में बीजेपी की सरकार को आए एक महीना बीत गया है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अब कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ताजा जानकारी ये सामने आई है कि राजस्थान में स्कूलों के अंदर अब सूर्य नमस्कार अनिवार्य होगा और इस बारे में राजस्थान के शिक्षा मंत्रालय ने बकायदा आदेश भी जारी कर दिए हैं।

राजस्थान के शिक्षा विभाग ने मंगलवार रात एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि राज्यभर के सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य होगा। 15 फरवरी सूर्य सप्तमी के दिन तक स्कूलों में सूर्य नमस्कार को अनिवार्य करने की बात कही गई है।

सूर्य नमस्कार पर क्या है सरकार का प्लान?

आदेश के अनुसार, सभी स्कूलों में सूर्य सप्तमी (15 फरवरी) पर छात्रों को सूर्य नमस्कार कराया जाएगा और विभाग 15 फरवरी से पहले छात्रों और शिक्षकों को सूर्य नमस्कार का प्रशिक्षण देगा। सबसे पहले टीचर्स और छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर 15 फरवरी को छात्रों के अभिभावक, ग्रामीण और जन प्रतिनिधि इस अभियान से जुड़ेंगे।

शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को उसी दिन दोपहर 2 बजे शाला दर्पण पोर्टल पर सूर्य नमस्कार करने वाले छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, स्थानीय जन प्रतिनिधियों और आम जनता की जानकारी दर्ज करने का भी निर्देश दिया है, जिसे बाद में विश्व रिकॉर्ड मान्यता के लिए भेजा जाएगा। आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग प्रैक्टिस होनी चाहिए। छात्रों के स्वास्थ्य और उम्र की भी पहले से जांच की जानी चाहिए।

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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर क्या बोले?

इसके पहले राजस्थान के स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा था कि सभी सरकारी स्कूल बड़े पैमाने पर सूर्य सप्तमी मनाएंगे, इसे देश में इस तरह का सबसे बड़ा कार्यक्रम बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा, 'सूर्य सप्तमी 15 और 16 फरवरी को है, जो दोनों आधे दिनों में फैली हुई है। हमने 15 फरवरी को सूर्य नमस्कार के साथ सूर्य भगवान की पूजा करने की योजना बनाई है। हमारे स्कूल ऐसे आयोजन के लिए सभी क्षेत्रों के लोगों की मदद लेंगे जो एक समय में सर्वाधिक लोगों द्वारा सूर्य नमस्कार करने के मामले में देश का सबसे बड़ा कार्यक्रम बन सकता है। हमने तैयारियां शुरू कर दी हैं।'

उन्होंने कहा था, 'प्रार्थना सभा के दौरान छात्र कम से कम 15 मिनट तक सूर्य नमस्कार का अभ्यास करेंगे। सूर्य देव के प्रकाश से ही हम सब कुछ कर पाते हैं। इसीलिए हमने सदैव सूर्य को देवता माना है। यह पहल लोगों को व्यायाम करने और स्वस्थ रहने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।'

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Published By:
 Amit Bajpayee
पब्लिश्ड