राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने क्या कह दिया? राज्य में आ गया सियासी भूचाल,सड़कों पर विपक्ष

सीएम भजनलाल शर्मा कैबिनेट के बड़े बेबाक मंत्री मदनलाल दिलावर के खिलाफ राजस्थान की विपक्षी पार्टियों ने मोर्चा खोल दिया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
madan dilawar vs rajkumar raot
मदन दिलावर बनाम राजकुमार रोत | Image: x

Madan Dilawar Vs Rajkumar Roat: एक बयान को आधार पर सीएम भजनलाल शर्मा के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया है। भारत आदिवासी पार्टी यानि बाप और कांग्रेस मिलकर विरोध कर रहे हैं।

बवाल उस बयान पर है जो एक सवाल का जवाब था। सवाल जो बाप के नवनिर्वाचित सांसद राजकुमार रोत की अपनी राय से जुड़ा हुआ था। ये कमेंट हिंदू बनाम आदिवासी के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाने लगा। सियासी भूचाल के बीच दिलावर ने स्पष्टीकरण भी दिया लेकिन विपक्ष माफी की डिमांड पर अड़ गया।

ब्लड सैंपल के साथ रोत समर्थक तैयार

सवाल डीएनए को लेकर उठाया गया तो रोत समर्थक जयपुर स्थित अमर जवान ज्योति पहुंचे, नारेबाजी की और ब्लड सैंपल उन्हें भेजने की जिद्द पर अड़ गए। रोत संग कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।  

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आवास की ओर जा रहे बांसवाड़ा सांसद रोत और उनके समर्थकों को पुलिस ने आंबेडकर सर्किल पर रोक लिया और पूरा इलाका छावनी में तब्दील कर दिया। वहीं रोत ने दावा किया है कि ये मामला दबने वाला नहीं है। आखिर मामला है क्या?

Advertisement

रोत बोले आदिवासी हिंदू नहीं तो दिलावर ने की डीएनए की बात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रोत ने एक इंटरव्यू में आदिवासियों को लेकर राय रखी थी। कहा था "मैं हिंदू नहीं हूं और आदिवासी का धर्म हिंदू नहीं है...हिंदू धर्म का अपना रीति रिवाज अलग है और आदिवासी जाति समुदाय अलग है, आदिवासी जाति हिंदू नहीं है। इस बयान पर रोत को सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया। फिर 21 जून को जयपुर में इसी बयान को लेकर दिलावर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा- वह (आदिवासी) हिंदू हैं कि नहीं, ये अपने  पूर्वजों से पूछेंगे...हमारे यहां वंशावली लिखने वालों से पूछेंगे... वह कौन हैं यदि वह हिंदू नहीं हैं तो उनका डीएनए टेस्ट कराएंगे।

दिलावर की सफाई

दिलावर के इसी बयान पर तूफान मच गया। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे शिक्षा मंत्री की मानसिकता से जोड़ा तो रोत समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि मंत्री ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत ढंग से पेश किया गया। बोले- मुझसे कल पूछा गया कि कुछ लोग खुद को हिंदू नहीं मानते हैं तो मैंने ये कहा था कि हम डीएनए की जांच करा लेंगे या फिर वंशावली देखने वालों को दिखवा देंगे लेकिन इस बयान को आदिवासी से जोड़ दिया गया। मैं कहना चाहता हूं कि आदिवासी समाज के लोग श्रेष्ठतम हैं, जिन्होंने सालों से पेड़ों की रक्षा की... जिनसे हमें प्राणवायु मिलती है...आदिवासी समाज  के लोग हिंदू समाज के श्रेष्ठतम लोग हैं।

Advertisement

ये भी पढ़ें- भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली बार! राज्यपाल ने सीएम के खिलाफ दायर किया मानहानि केस

Published By:
 Kiran Rai
पब्लिश्ड