'22 अप्रैल 2025 को 26 लोगों को खुलेआम मारा गया, हमला कैसे हुआ', शुभम द्विवेदी का नाम लेकर पहलगाम हमले पर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने सुरक्षा चूक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोग सरकार के भरोसे पहलगाम गए थे, हमले की जिम्मेदारी किसकी है?
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Parliament Monsoon Session : लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चल रही चर्चा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद विपक्ष की तरफ से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सवाल खड़े किए। आपनी बात शुरू करने से पहले उन्होंने भारतीय सेना का आभार जताया और कहा कि भारत की आजादी बनाए रखने में हमारी सेना का सबसे अहम योगदान है।
प्रियंका गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि कल रक्षा मंत्री ने एक घंटे तक भाषण दिया, इस दौरान उन्होंने आतंकवाद, देश की रक्षा और इतिहास का पाठ भी पढ़ाया। लेकिन एक बात छूट गई- यह हमला कैसे हुआ?
भगवान भरोसे छोड़ दिया था
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि लोग वहां सरकार के भरोसे गए थे। उन्होंने आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी को भी कोट करते हुए कहा कि बैसरन घाटी में एक भी सुरक्षाकर्मी क्यों मौजूद नहीं था? क्या नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है? सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया था। उन्होंने शुभम की पत्नी कोट करते हुए कहा-
“वहां कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था। मैंने अपनी दुनिया को खत्म होते हुए देखा। मैं ये कह सकती हूं की देश की सरकार ने हमें अनाथ छोड़ दिया था।”
TRF पर सवाल
पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन TRF ने ली थी। प्रियंका गांधी ने संसद में कहा कि "उस हमले की जिम्मेदारी लेने वाला आतंकवादी ग्रुप TRF 2019 में बना। इस संगठन ने अभी तक 25 हमले किए हैं। कोई भी एजेंसी नहीं है जिसे इस हमले के जानकारी हो। क्या ये हमारी एजेंसी की विफलता नहीं हैं? ये बहुत बड़ी विफलता हैं। एजेंसी की विफलता की जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रियंका गांधी ने कहा कि क्या सेना प्रमुख, क्या इंटेलीजेंस प्रमुख ने इस्तीफा दिया. क्या गृह मंत्री ने इस्तीफा दिया. इस्तीफा छोड़िए, जिम्मेदारी तक नहीं ली।"
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प्रियंका गांधी ने अमित शाह के जवाब पर तंज सकते हुए कहा कि गृह मंत्री मेरी मां के आंसुओं तक चले गए, लेकिन जवाब नहीं दिया कि सीजफायर हुआ क्यों? केंद्रीय गृह मंत्री ने आज मेरी मां के आंसुओं के बारे में बात की। मैं इसका जवाब देना चाहती हूं। मेरी मां के आंसू तब बहे थे जब आतंकवादियों ने मेरे पिता को मार डाला था। आज, जब मैं उन 26 लोगों (पहलगाम हमले के पीड़ितों) के बारे में बात करती हूं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं उनका दर्द समझती हूं।"