'जब तक बिहार के लोगों को समझा ना लूं, तब तक यात्रा जारी रहेगी', जनसुराज यात्रा पर बोले प्रशांत किशोर

जनसुराज यात्रा को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि जब तक गांव-गांव जाकर बिहार के लोगों को समझा ना लूं, तब तक यात्रा जारी रहेगी।

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 Prashant Kishore will launch a political party in Bihar on October 2
प्रशांत किशोर | Image: PTI

बिहार में 2025 में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर बिहार में जनसुराज यात्रा के तहत गांव-गांव लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। पैदल मार्च के दौरान पीके ने मीडिया से बातचीत की और कहा कि जब तक बिहार के गांव गांव जाकर लोगों को समझा ना लूं, तब तक यात्रा जारी रहेगी।

जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने कहा, "मैं जो काम कर रहा हूं, वो ही आगे करूंगा। जब तक बिहार के गांव-गांव जाकर लोगों को समझा ना लूं, तब तक यात्रा जारी रहेगी। मेरा संकल्प बिहार को सुधारने का है। चुनाव अच्छे लोगों के साथ जीतना कठिन है। बिहार के लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने वाली व्यवस्था बने। फरवरी, मार्च के महीने में बिहार के लिए दल का विजन डॉक्यूमेंट जारी होगा।"

नीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर का हमला

उन्होंने कहा कि दल बनाकर चुनाव जीतना मेरा सपना नहीं है। ऐसा बिहार बनाना है, जहां अन्य राज्य से लोग आकर रोजगार करें। इस सपने के लिए प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का जंगलराज हुआ कैसे? नीतीश कुमार कुछ साल से पूरी व्यवस्था अपने चंद सलाहकारों के हवाले कर दी। वो शारीरिक-मानसिक रूप से सक्रिय नहीं है।

सत्ता वो चला रहे हैं जो किसी के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। अधिकारियों का बोलबाला चल रहा है। शराब बंदी के नाम पर बिहार के हर घर में होम डिलीवरी हो रही है। अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी गठित करने से तीन दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने जद(यू) अध्यक्ष कुमार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव 'तीन एस' यानी 'शराब', 'सर्वे' (भूमि) और 'स्मार्ट मीटर' के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। किशोर ने कहा कि ये मुद्दे "मौजूदा शासन के ताबूत में अंतिम कील" साबित होंगे।

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प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया, "नीतीश कुमार सरकार चार सेवानिवृत्त नौकरशाहों द्वारा चलाई जा रही है। मुख्यमंत्री इन बाबुओं के चंगुल में हैं। न तो कुमार और न ही ये नौकरशाह लोगों की समस्याओं से अवगत हैं। कुमार अब बदल गए हैं। उन्होंने अपनी नैतिकता खो दी है और वह केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी को बचाए रखने में रुचि रखते हैं।”

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Published By :
Kanak Kumari Jha
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