'वन नेशन वन इलेक्शन' पर PM मोदी के हनुमान ने विपक्ष को लताड़ा, पूछा- यह संघीय ढांचे के खिलाफ कैसे?
वन नेशन वन इलेक्शन पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं यह जानना चाहता हूं कि एक राष्ट्र एक चुनाव किस तरह संविधान विरोधी है?
- भारत
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One Nation One Election: 'वन नेशन वन इलेक्शन' बिल आज लोकसभा में पेश हुए जिसके बाद सदन की सहमति से इसे जेपीसी में भेज दिया गया। सत्ता पक्ष ने बिल का समर्थन किया तो विपक्षी दलों ने बिल का विरोध करते हुए इसे संघीय ढांचे पर हमला बताया। हंगामे के बीच बिल को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद में पेश किया।
'वन नेशन वन इलेक्शन' पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं यह जानना चाहता हूं कि एक राष्ट्र एक चुनाव किस तरह संविधान विरोधी है? विपक्षी इतने समय से केवल रट्टा मार रहे हैं कि यह संघीय ढांचे के खिलाफ है लेकिन यह कैसे संघीय ढांचे के खिलाफ यह तो बताएं? अगर देश में एक साथ चुनाव हो रहे हैं तो कैसे संघीय ढ़ांचे पर प्रभाव हो रहे हैं? क्या आंध्र प्रदेश में एक क्षेत्रीय दल की जीत नहीं हुई? विपक्ष झूठ बोलने में माहिर है, छोटे दल भी इसका समर्थन कर रहे हैं। अफवाह फैलाना गलत है। आज की तारीख में जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता है।
लोकसभा में पेश हुआ 'वन नेशन वन इलेक्शन' बिल
सरकार ने देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले विधेयक को विपक्षी दलों के भारी विरोध के बीच मंगलवार को निचले सदन में पेश किया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024’ और उससे जुड़े ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024’ को निचले सदन में पुर:स्थापित करने के लिए रखा, जिनका विपक्षी दलों ने पुरजोर विरोध किया।
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सदन में मत विभाजन के बाद विधेयक को पुर:स्थापित कर दिया गया। विधेयक को पेश किए जाने के पक्ष में 269 वोट, जबकि विरोध में 198 वोट पड़े। इसके बाद मेघवाल ने ध्वनिमत से मिली सदन की सहमति के बाद ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024’ को भी पेश किया।
पक्ष में 269 तो जानिए विपक्ष में कितने वोट मिले?
दोनों विधेयकों को पुर:स्थापित किए जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपराह्न करीब एक बजकर 55 मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। नए संसद भवन में पहली बार किसी विधेयक पर मत विभाजन हुआ और यह भी पहली बार था कि इलेक्ट्रॉनिक मत विभाजन हुआ।
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(इनपुट- पीटीआई)