अपडेटेड 27 March 2025 at 16:34 IST

लोकसभा में आए विधेयक पर वाद-विवाद; बीजेपी बोली- आप्रवास विधेयक समय की मांग, सपा-TMC ने संसदीय समिति की मांग की

पराजिता सारंगी ने लोकसभा में आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक-2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह विधेयक समय की मांग है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।

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Lok Sabha
लोकसभा | Image: Sansad TV

Lok Sabha: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आप्रवास से संबंधित विधेयक को समय की मांग बताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे देश की सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा होगी। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने लोकसभा में ‘आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक, 2025’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह विधेयक समय की मांग है और इसकी सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अतिथियों का सम्मान करने के साथ सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

अपराजिता ने कहा कि सरकार की तरफ से बताया गया कि दो करोड़ बांग्लादेशी नागरिक देश में रह रहे हैं। उनका कहना था कि समय आ गया है कि अप्रवासन को लेकर एक समग्र कानून हो। उन्होंने कहा कि इस सरकार में जो कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अपराजिता ने कहा कि पहले भी कई संसदीय समितियों ने इस तरह के समग्र कानून की आवश्यता पर जोर दिया है। भाजपा सांसद ने कहा कि इस प्रस्तावित कानून में दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक को आज की जरूरत की हिसाब से लाया गया है।

विपक्ष बोला-  विधेयक को संसदीय समिति में भेजा जाए

समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस ने आप्रवास विधेयक का विरोध करते हुए लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि विधेयक को संसदीय समिति के विचार के लिए भेजा जाए। सपा सांसद राजीव राय ने ‘आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक, 2025’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों को विधानसभा चुनावों के समय राजनीति के लिए घुसपैठियों की सख्ंया गिनाने के बजाय कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमने देखा कि अवैध प्रवासियों के नाम पर हमारे नौजवानों को हथकड़ियां डालकर अमेरिका से भेजा गया। वो तस्वीरें भूली नहीं जा सकतीं...अगर यहां एक अवैध अमेरिकी प्रवासी पकड़ा जाए तो क्या उसे भी बेड़ियां डालकर भेजा जाएगा? या सारे कानून भारतीय नागरिकों के लिए हैं? राय ने कहा कि विधेयक में संतुलन की कमी है और इसे संसदीय समिति के पास भेजा जाए।

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तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि अमेरिका से लोगों को हाथ-पैर में बेड़ियां बांधकर भेजे जाने की घटना बहुत दुखद थी। उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा, ‘‘अमित शाह जी का व्यक्तित्व कड़ा है...यह ठोस (प्रस्तावित) कानून है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि इस विधेयक को संयुक्त समिति के पास भेजा जाए।’’

(PTI की खबर में हेडलाइन में बदलाव किया गया है)
 

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Published By : Dalchand Kumar

पब्लिश्ड 27 March 2025 at 16:34 IST