लोकसभा में मंत्री दे रहे थे जवाब, पीछे से खूब शोर, भड़के स्पीकर ओम बिरला; विपक्षी सांसदों से बोले- अगर आपको जनता ने...
लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी है। उसके पहले प्रश्नकाल में विपक्ष के सांसदों ने हंगामा कर दिया। इससे स्पीकर ओम बिरला भड़क गए।
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Parliament Session: लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही चालू है। स्पीकर ओम बिरला ने इस बार भारी हंगामे के बावजूद लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित नहीं किया है। ऐसे में विपक्ष के सांसद और जोर से नारेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सीटों से बेल के अंदर आकर हंगामा किया। विपक्ष के हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को जारी रखा। इस दौरान केंद्र सरकार के मंत्री सदन में सवालों का जवाब दे रहे थे तो हंगामा और भी बढ़ गया। इससे स्पीकर ओम बिरला भड़क गए।
एक फरवरी को बजट पेश होने के बाद लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी है। हालांकि संसद की कार्यवाही का पहला घंटा प्रश्नकाल का होता है और इस दौरान सांसद अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे और विषयों पर सरकार से सवाल जवाब करते हैं। सोमवार को प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष के सांसद महाकुंभ के विषय को लेकर हंगामा करने लगे। सभापति ओम बिरला ने इस दौरान विपक्ष के सांसदों से अभिभाषण के दौरान अपनी बात रखने के लिए भी बोल दिया था, लेकिन सदन में हंगामा नहीं रुका। विपक्ष के सांसदों से स्पीकर ने कहा कि अगर आपको जनता ने नारेबाजी करने और प्रश्नकाल स्थगित करने के लिए भेजा है तो यही काम कीजिए और सदन चलाना चाहते हैं तो अपनी सीट पर जाकर बैठिए। फिर भी विपक्ष के सांसदों ने पूरे प्रश्नकाल में अपना हंगामा जारी रखा है।
प्रश्नकाल में हंगामे पर क्या बोले स्पीकर ओम बिरला?
लोकसभा के प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। ये सभी सदस्यों का समय होता है और बहुत कोशिशों के बाद सांसदों का प्रश्न आता है। इस दौरान सरकार की जवाबदेही भी तय होती है। स्पीकर ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर कई बार चर्चा हो चुकी है और मैं कई बार आग्रह कर चुका हूं। सभी सदस्य एक व्यवस्था बना लें कि प्रश्नकाल के अंदर कभी भी विषय को उठाने नहीं दिया जाएगा। जब मैं आपका स्थगन मंजूर ना करूं तब आप विषय उठा सकते हैं। इस व्यवस्था को बनाएं। स्पीकर ने भड़के हुए विपक्षी सांसदों से कहा कि क्या सदन नहीं चलाना चाहते हैं। आप चर्चा नहीं करना चाहते हैं। विपक्ष को बार-बार समझाने पर भी हंगामा शांत नहीं हुआ तो स्पीकर ने भी कार्यवाही को जारी रखा और दूसरे सांसदों को प्रश्न पूछने का मौका दिया।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे पर रिजिजू भी भड़के
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी लोकसभा में विपक्ष के हंगामे को देखकर भड़क गए। उन्होंने सरकार की तरफ से सदन में विपक्ष के हंगामे का खंडन किया और कहा कि उम्मीद की कि अच्छे से संसद का प्रश्नकाल चलेगा, लेकिन विपक्ष के सदस्य सरकार से सवाल ना पूछते सदन नहीं चलने दे रहे हैं, ये अच्छी बात नहीं है। किरेन रिजिजू ने कहा कि जनता अब आपसे (विपक्षी सांसदों) सवाल पूछेगी कि आप संसद में क्यों आए हैं।