193 में से पाकिस्तान के अलावा सिर्फ 3 देश 'ऑपरेशन सिंदूर' के विरोध में, हमारी कूटनीति के कारण TRF ग्लोबल आतंकी संगठन घोषित- जयशंकर
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में शामिल 193 देशों में से केवल तीन देशों ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा मंत्री ने कहा था कि हम अपने लोगों की रक्षा के लिए तत्पर हैं। हमने सटीक हमले किए। नौ स्थानों को निशाना बनाया। हमने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया।
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'ऑपरेशन सिंदूर' पर लोकसभा में चर्चा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद हमने ठोस संदेश दिया। हमें पाकिस्तान को कड़ा जवाब देना था। 23 अप्रैल को हमने बैठक में सिंधु जल समझौता रोका। अटारी चेक पोस्ट को बंद किया गया था। पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा गया। पाकिस्तान के रक्षा प्रतिनिधि को पाकिस्तान के दूतावास से वापस भेजा गया। पहलगाम हमले के बाद हमने वैश्विक समुदाय को पाकिस्तान के आतंकवाद के बारे में बताया। हम आतंकवाद को किसी प्रकार से स्वीकार नहीं करेंगे।
विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। परिषद ने कहा था कि आतंकी घटना को अंजाम देने वालों को उचित दंड दिया जाए। सुरक्षा परिषद की बात को अंतरराष्ट्रीय स्वीकार किया गया। ऑपरेशन सिंदूर के जरिये हमने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। जब 25 अप्रैल को सुरक्षा परिषद में पहलगाम हमले पर चर्चा चल रही थी तो टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद टीआरएफ को आतंकी संगठन माना गया है।
ऑपरेशन सिंदूर से हमने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया- एस. जयशंकर
एस. जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में शामिल 193 देशों में से केवल तीन देशों ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा मंत्री ने कहा था कि हम अपने लोगों की रक्षा के लिए तत्पर हैं। हमने सटीक हमले किए। नौ स्थानों को निशाना बनाया। हमने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। इसे यूएनएससी ने भी स्वीकार किया। बहावलपुर और मुरिदके को हमने निशाना बनाया पाकिस्तान को हमने कड़ा संदेश दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई देशों से मुझे फोन आए। वो जानना चाहते थे कि हम क्या कर रहे हैं? हमने सबको बताया कि हम आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। हमने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच हम मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेंगे।