अखिलेश चले कोलकाता ममता की हार पर दुख बांटने, यूपी में विरोधियों ने जमकर धो डाला, बोले- 4 घंटे बेहोश थे...
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की मुलाकात पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब दोनों मिलकर हार की श्रृंखला बनाएंगे।
- भारत
- 3 min read

OP Rajbhar: योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख ममता बनर्जी को ढांढस बंधाने गए थे।
ओपी राजभर ने कहा कि वे वहां ढांढस बंधाने गए थे। सांत्वना देने गए थे कि आप तो सिर्फ एक बार हारी हैं, हम तो दो-दो बार हारे हैं। अब हम दोनों मिलकर हार की श्रृंखला बनाते हैं, क्योंकि जीतना तो है नहीं।
'बंगाल के नतीजे देख 4 घंटे बेहोश थे अखिलेश'
उन्होंने आगे पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणाम को लेकर कहा कि नतीजे आने के बाद अखिलेश यादव 4 घंटे बेहोश थे। राजभर ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि ने इस्तीफा देने से इनकार करने पर ममता बनर्जी की कैबिनेट को बर्खास्त करने पर भी अपनी राय रखी।
‘दीदी’ ने बौखलाहट में गलत फैसला लिया- राजभर
ओपी राजभर ने कहा कि हार के बाद ममता बनर्जी को एक बौखलाहट हुई और इसमें उन्होंने गलत निर्णय लिया और संविधान को नहीं माना। राज्यपाल के पास विधानसभा भंग करने का अधिकार है और उन्होंने संविधान के आधार पर इसे भंग कर दिया।
Advertisement
'अखिलेश यादव एसी और पीसी के नेता'
इससे पहले ओपी राजभर ने बंगाल चुनाव नतीजे के एक दिन बाद ट्वीट कर लिखा था, 'अखिलेश यादव का ट्वीट, एसी और पीसी के नेता हैं। उनको लेकर मेरे मन में कभी संदेह नहीं रहता। बंगाल चुनाव नतीजों को लेकर मेरे मन में कोई संदेह नहीं था। जिस दिन अखिलेश यादव जी ने ट्वीट कर ममता दीदी के जीत की मुनादी शुरू की, उसी दिन पक्का हो गया था कि वे हारने जा रही हैं।'
उन्होंने आगे लिखा था, 'अखिलेश जी ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का समर्थन किया वो हार गए। दिल्ली में केजरीवाल की सरकार का समर्थन कर रहे थे, हार गए। तेजस्वी यादव के लिए गांव-गांव घूमे। तेजस्वी हार गए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनवा रहे थे वह भी पराजित हुए।'
Advertisement
‘दोपहर तक सोते, एसी से बाहर नहीं निकलते…’
इतना ही नहीं उन्होंने आगे हमलावर होते हुए लिखा, 'अखिलेश खुद 2014, 2017, 2019, 2022 का चुनाव हार गए। 2027 में भी हारेंगे। अखिलेश के पीछे सजातीय वोटों के अलावा कोई ताकत, कोई गुण नहीं है। दोपहर तक सोते हैं। एसी से बाहर निकलते नहीं हैं और सोशल मीडिया के अलावा कहीं दिखाई नहीं देते हैं। मुख्यमंत्री भी बने तो वह आदरणीय मुलायम सिंह यादव जी और चचा शिवपाल की मेहनत थी। 2012 का चुनाव मुलायम सिंह जी और शिवपाल का था। गांठ बांध लीजिए। 2027 का चुनाव के बाद अखिलेश जी की राजनीति खत्म हो जाएगी और वह लंदन चले जाएंगे।'
आप हारी नहीं हैं- 'दीदी' से बोले अखिलेश
बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद अखिलेश यादव 7 मई 2026 को बंगाल पहुंचे। यहां उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश यादव ने शॉल ओढ़ाकर ‘दीदी’ का सम्मान किया और कहा कि आप हारी नहीं हैं।