अपडेटेड 9 March 2025 at 23:19 IST

नीतीश कुमार के साथ अब कोई गठबंधन नहीं करेंगे : तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव उस समय नाराज हो गए जब उनसे बिहार के मुख्यमंत्री और जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ फिर से गठबंधन की संभावना के बारे में पूछा गया।

Follow : Google News Icon  
Tejashwi Yadav
Tejashwi Yadav | Image: PTI

राजद नेता तेजस्वी यादव रविवार को उस समय नाराज हो गए जब उनसे बिहार के मुख्यमंत्री और जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ फिर से गठबंधन की संभावना के बारे में पूछा गया। नीतीश कुमार राजद के साथ गठबंधन तोड़ पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव यहां कथित तौर पर ‘‘राजग द्वारा आरक्षण की चोरी और उसे हजम कर जाने’’ के खिलाफ राजद द्वारा आयोजित धरने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

जब उनसे पूछा गया कि क्या विधानसभा चुनाव से पहले उनके जद (यू) प्रमुख के साथ हाथ मिलाने की संभावना है, तो यादव ने कहा, ‘‘हम हाथ क्यों मिलाएंगे? आप मौजूदा मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?’’

उनसे कहा गया कि मीडिया के एक वर्ग में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि हाल ही में 74 साल के हुए नीतीश कुमार को इस बात की चिंता है कि चुनाव के बाद भाजपा नेतृत्व परिवर्तन के लिए दबाव डाल सकती है और राजद इस स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ गठबंधन का ‘‘प्रस्ताव’’ देने को तैयार है।

Advertisement

आम तौर पर मिलनसार स्वभाव के यादव ने सख्ती से जवाब दिया, ‘‘किसी की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं है। मेरी पार्टी में, केवल राजद अध्यक्ष लालू जी और मैं ही गठबंधन पर कोई भी निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं। कृपया फालतू बात न करें।’’

युवा नेता ने इस बात पर जोर दिया कि कुमार ‘‘अब अपना विवेक खो बैठे हैं, जो सार्वजनिक रूप से उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा के स्तर से स्पष्ट है।’’

Advertisement

कुमार द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पैर छूने की कोशिश करने के कुछ उदाहरणों का हवाला देते हुए यादव ने कहा, ‘‘क्या यह एक राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा देता है?’’

यादव ने दावा किया, ‘‘वह दिन दूर नहीं जब कुमार अपने दो मौजूदा उपमुख्यमंत्रियों - विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी के पैरों में गिरेंगे।’’

उन्होंने भाजपा पर ‘‘बिहार में अपने आरक्षण विरोधी एजेंडे पर काम करने’’ का आरोप लगाया।

राजद नेता ने आरोप लगाया, ‘‘यही कारण है कि जब आरक्षण संबंधी याचिका पर सुनवाई हो रही है, तो उच्चतम न्यायालय में राज्य सरकार के वकील ठीक से बहस नहीं कर रहे हैं।’’

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पटना उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है, जिसमें वंचित जातियों के लिए आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने वाले कानूनों को खारिज कर दिया गया था।

इसे भी पढ़ें: सड़कों पर बिखरे पड़े शव, दफनाने वाला कोई नहीं, सीरिया की क्रूर घटनाएं

Published By : Deepak Gupta

पब्लिश्ड 9 March 2025 at 23:19 IST