Waqf bill: 'खाता न बही जो वक्फ कहे वही सही... भारत को वक्फ के खौफ से आजादी चाहिए', लोकसभा में अनुराग ठाकुर की दो टूक
अनुराग ठाकुर ने कहा कि वक्फ को बदलने का वक्त आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का एक ऐसा अड्डा बन चुका है उसको खत्म करने और बदलने का समय आया है।
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Waqf bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के समर्थन में बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वक्फ को बदलने का वक्त आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का एक ऐसा अड्डा बन चुका है उसको खत्म करने और बदलने का समय आया है। भारत को वक्फ के खौफ से आजादी चाहिए क्योंकि यहां पर यह जो कांग्रेस के जमाने में बना हुआ कानून है और उसका मतलब तो यही था खाता ना वही जो वक्फ कहे वही सही। इसका मतलब जहां पर कह दिया कि यह वक्फ की जमीन है, वह फिर वक्फ की जमीन हो गई और इसमें भी वह जिम्मेदारी उनकी नहीं है कि जमीन उनकी कैसे है, लेकिन जिसकी चली गई वह बेचारा दर-दर भटकता है और उनको इंसाफ भी नहीं मिलता है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज एक बार फिर कांग्रेस देश को और देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। एक तरफ तो वह हाथ में लाल रंग की किताब लेकर चलते हैं जो कहने को तो संविधान है लेकिन संविधान नहीं है। अगर आप संविधान की इस कॉपी को देखेंगे तो आपको एहसास होगा की बाबा साहब अंबेडकर का सपना था कि एक देश में एक ही संविधान रहेगा, आपने एक देश में दो विधान बनाने का काम किया है। आपको तय करना है कि संविधान के साथ रहना या वक्फ के साथ रहना है।
देश संविधान से चलेगा मुगलिया फरमान से नहीं- अनुराग ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग बड़ी-बड़ी बातें यहां पर कर रहे थे मैं उनका कहना चाहता हूं यह हिंदुस्तान है पाकिस्तान या तालिबान नहीं यहां बाबा साहब का संविधान चलेगा कबीले का फरमान नहीं, मुगलिया फरमान या नहीं चलने वाला है। आज हम केवल संविधान संशोधन पर चर्चा नहीं कर रहे हैं लेकिन एक ऐसी समानांतर सत्ता को चुनौती दे रहे हैं जो दशकों से अनियंत्रित रूप से अस्तित्व में है। वक्फ संशोधन बिल 2025 केवल कानून में बदलाव नहीं बल्कि एक संदेश है, और संदेश स्पष्ट है कि देश में एक ही कानून चलेगा भारत का संविधान और भारत के संविधान के ऊपर कुछ नहीं है।
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कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड को वोट बैंक का एटीएम बना दिया- अनुराग ठाकुर
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए संपत्तियों का प्रबंध करना था लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस भूमि को अपारदर्शी और गैर जिम्मेदाराना तरीके से राजनीतिक संरक्षण देते हुए एक ऐसा साम्राज्य बनाया जहां पर इसको इन्होंने अपना वोट बैंक का एटीएम बनाकर रख दिया है। 70 सालों से इन्होंने यही किया। 1947 में भारत ने एक विभाजन देखा है वह एक परिवार और एक पार्टी के कारण को विभाजन हुआ था। आज लैंड जिहाद के नाम पर हम दूसरा विभाजन नहीं होने देंगे।