National Herald: 'राहुल के दरबारी नंबर वन हैं अखिलेश यादव, ED कोई परचून की दुकान है...',सपा प्रमुख ने की तरफदारी तो भड़की BJP
अखिलेश यादव के ED को बंद कर देने वाले बयान पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा मुखिया पर तीखा प्रहार किया है और उन्हें राहुल गांधी का दरबारी तक कह दिया।
- भारत
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National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की जांच की आंच जैसे ही राहुल गांधी तक पहुंची तो इंडी गठबंधन में उनके साथी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव उनके बचाव में सामने आ गए। अखिलेश ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी जैसे विभागों को बंद कर देना चाहिए।
अखिलेश यादव नेशनल हेराल्ड मामले पर चुप्पी साध गए और ईडी को घेरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे नेशनल हेराल्ड से ज्यादा ईडी पर कहना है। कांग्रेस ने ईडी बनाई थी और आज वो ईडी के कारण मुश्किल में हैं। अपने एक पुराने इंटरव्यू की बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि मेरी जब एक बड़े पत्रकार से बात हुई तो मैंने यही कहा कि बहुत सारे इकनोमिक ऑफेंसेस को देखने के लिए संस्थाएं हैं। ईडी की जरूरत क्या है। अखिलेश ने कहा कि ईडी जैसे विभाग को बंद कर देना चाहिए।
केशव ने अखिलेश को क्यों कहा नंबर वन दरबारी?
अखिलेश यादव के ED को बंद कर देने वाले बयान पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा मुखिया पर तीखा प्रहार किया है और उन्हें राहुल गांधी का दरबारी तक कह दिया। केशव मौर्य ने कहा, "राहुल गांधी पर जब कोई आंच आती है तो उनके दरबारी नंबर वन अखिलेश यादव सबसे पहले आपा खो बैठते हैं। उनको समझना चाहिए कि ईडी कोई परचून की दुकान तो है नहीं। उस पर 140 करोड़ लोगों का भरोसा है, सिवाय उनका जिनके हाथ भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं।"
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क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
यह मामला कांग्रेस नेताओं, विशेष रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी, पर लगे उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया है कि उन्होंने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों के स्वामित्व और नियंत्रण को लेकर धोखाधड़ी की। AJL वही कंपनी है जो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन करती है।
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जांच के तहत सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों से ईडी पूछताछ कर चुकी है। राहुल गांधी से आखिरी बार जून 2022 में पूछताछ हुई थी, जबकि सोनिया गांधी से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) के संचालन में उनकी भूमिका को लेकर सवाल किए गए थे। YIL, गांधी परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी है, जिसने AJL में हिस्सेदारी हासिल की थी।
यह जांच 2014 में शुरू हुई थी, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गांधी परिवार और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने AJL की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां महज 50 लाख रुपये में हासिल की थीं।