'रोजा छोड़कर गुनाह किया, शरीयत की नजर में मुजरिम' मौलाना शहाबुद्दीन के बयान पर मोहम्मद शमी के भाई भड़के, बताया ऐसा क्यों किया

मोहम्मद शमी को लेकर मौलाना की प्रतिक्रिया में शमी के भाई मोहम्मद जैद ने बताया कि पाकिस्तान की टीम भी रोजा नहीं रखती फिर लोग उन पर सवाल क्यों नहीं उठाते हैं।

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भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के रोजे के दौरान ड्रिंक पीने को लेकर मचे विवाद पर जहां मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के विवादित बयान जिसमें उन्होंने मोहम्मद शमी को अपराधी बता दिया है। उस बयान के जवाब में अब मोहम्मद शमी के भाई मोहम्मद जैद ने मोर्चा संभाल लिया है। मोहम्मद जैद ने कहा कि मुझे नहीं मालूम इमाम साहब ने ऐसा बयान क्यों दे दिया? जैद ने इमाम साहब को नसीहत देते हुए यहां तक कह डाला कि फिलहाल अभी इमाम साहब को और इस्लामिक किताबें पढ़ने की जरूरत है।


मोहम्मद शमी के रोजा ना रखने को लेकर बरेली के उलेमा ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने मोहम्मद शमी को इस्लाम का गुनहगार तक बता दिया। मौलाना की प्रतिक्रिया में शमी के भाई मोहम्मद जैद ने बताया कि पाकिस्तान की टीम भी रोजा नहीं रखती फिर लोग उन पर सवाल क्यों नहीं खड़े करते? मौलाना शहाबुद्दीन को अभी इस्लामी किताबें पढ़ने की और जरूरत है। मौलाना शमी भाई के नाम से टीआरपी लेना चाहते हैं। मोहम्मद जैद ने कहा कि पहले 2006 के क्रिकेट टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम ने पानी पिया था और रोजा नहीं रखा था तब किसी ने सवाल नहीं खड़ा किया। मोहम्मद शमी को ही लोग ट्रोल करते हैं।


लोग फेम पाने के लिए ऐसी बयानबाजियां करते हैंः मोहम्मद जैद

मोहम्मद शमी के भाई ने कहा, 'मौलाना साहब ने जो कहा है... रोजा एक फर्ज चीज है जिसे हर मुसलमान को फर्ज है लेकिन जहां तक इसके कुछ मिसाइल होते हैं जो कि सफर के दौरान कुछ गुंजाइश देते हैं।  इसके बारे में 2-3 किताबें हैं जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि इस रोजे को हम बाद में रख सकते हैं। आपको मैं एक किताब का नाम बता देता हूं फतवा-ए-हिन्द  ऐसी बहुत सारी किताबें हैं जिन्हें इमाम साहब को पढ़ने की जरूरत है। ऐसे बयान ज्यादातर माहौल बनाने के लिए दिए जाते हैं खुद फेमस होने के लिए और टीआरपी में बने रहने के लिए लोग ऐसी बयानबाजियां करते हैं, लेकिन ऐसा इस्लाम धर्म में कुछ है नहीं।'


बयान से पहले इमाम साहब को और किताबें पढ़नी चाहिएः मोहम्मद जैद

मोहम्मद जैद ने आगे कहा, 'जब इंसान किसी दूसरे के मुत्ताहिद जाता है तब उसे ये नहीं पता होता है कि मेरा सफर कितने दिन का है कितने दिन का नहीं है इस बात की जानकारी मुझसे ज्यादा इमाम साहब को है लेकिन उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया ये तो वो ही बता सकते हैं। इस बयान के पीछे उनका क्या मकसद है ये तो नहीं पता लेकिन इमाम साहब को ऐसा बयान न देकर पहले उन किताबों को भी पढ़ना चाहिए ताकि वो देश की जनता को एक अच्छा संदेश दे पाते। ये अपने ही लोगों को टारगेट करते हैं ये मुझे सही नहीं लगता है क्योंकि ये काम तो पाकिस्तान की क्रिकेट टीम भी करती है।'

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क्या था मामला?

भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान मोहम्मद शमी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी थी, जिसमें वो फील्डिंग करते वक्त एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आ रहे थे। एक तरफ कई फैंस उनकी तारीफ कर रहे हैं क्योंकि शमी इस्लाम धर्म से आते हैं और रमजान में भी उन्होंने धर्म से ऊपर अपने देश को रखा। वहीं, कुछ कट्टरपंथी रमजान के दौरान शमी के एनर्जी ड्रिंक पीने पर सवाल उठा रहे हैं। भले ही मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की नजरों में भारत के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद शमी गुनहगार और अपराधी हैं, लेकिन देश की ज्यादातर जनता शमी के साथ है। सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है। फैंस का मानना है कि मोहम्मद शमी ने रमजान में अहम मुकाबले में रोजा नहीं रखकर ये संदेश दिया है कि देश से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है।


मोहम्मद शमी के एनर्जी ड्रिंक पीने पर मौलाना के बिगड़े बोल

इंसान पाप कर रहा है या पुण्य, उसका फैसला भगवान या खुदा पर ही छोड़ दिया जाए तो अच्छा होगा, लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के अनुसार मोहम्मद शमी अपराधी हैं।मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शमी पर सवाल उठाते हुए बड़ी बात बोल दी है। उन्होंने कहा कि वो खेल रहे थे, इसका मतलब स्वस्थ्य थे और अगर कोई स्वस्थ पुरुष या महिला रोजा नहीं रखता है, तो वह बड़ा अपराधी है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा, 'अनिवार्य कर्तव्यों में से एक है रोजा (उपवास)। अगर कोई स्वस्थ पुरुष या महिला रोजा नहीं रखता है, तो वह बड़ा अपराधी है। भारत के एक प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद शमी ने मैच के दौरान पानी या कोई अन्य पेय पदार्थ पी लिया। लोग उन्हें देख रहे थे। अगर वह खेल रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वह स्वस्थ हैं। ऐसी हालत में उन्होंने रोजा नहीं रखा और पानी भी पी लिया। इससे लोगों में गलत संदेश जाता है। रोजा न रखकर उन्होंने गुनाह किया है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। शरीयत की नजर में वह अपराधी हैं। उन्हें खुदा को जवाब देना होगा।'

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड