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Updated June 9th, 2024 at 21:27 IST

पहले RSS प्रचारक और फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री, अब केंद्रीय मंत्री बन खट्टर ने शुरू की नई पारी

मनोहर लाल खट्टर 1977 में RSS के स्थायी सदस्य बने और 1994 में BJP का सदस्य बनने से पहले 17 साल तक संघ के साथ जुड़े रहे। 2014 में वह पहली बार विधायक और सीएम बनें।

Manohar Lal Khattar Union Minister
केंद्रीय मंत्री बन खट्टर ने शुरू की नई पारी | Image:PTI
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक समय कार्यकर्ता रहे मनोहर लाल खट्टर 2014 में हरियाणा के मुख्यमंत्री बने और 10 साल बाद चुनाव से ऐन पहले उनके करीबी नायब सिंह को उनकी जगह राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। खट्टर 1977 में आरएसएस के स्थायी सदस्य बने और 1994 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सदस्य बनने से पहले 17 साल तक संघ के साथ जुड़े रहे।

वर्ष 2014 में वह पहली बार विधायक बने और भाजपा ने उन्हें हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया। दस साल बाद, मार्च 2024 में, उनकी जगह उनके करीबी नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया गया, ताकि उन्हें (खट्टर) संसद सदस्य बनने का मौका मिल सके। कुछ लोगों के अनुसार, खट्टर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का करीबी माना जाता है, जिनके साथ उन्होंने 1990 के दशक में पार्टी संगठन में काम किया था।

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खट्टर ने मोदी के साथ किया काम

अविवाहित खट्टर ने लगभग 40 वर्षों तक आरएसएस प्रचारक के रूप में काम किया। वर्ष 1996 में, खट्टर ने मोदी के साथ काम करना शुरू किया। मोदी उस समय हरियाणा के भाजपा प्रभारी थे। खट्टर का परिवार विभाजन के बाद पाकिस्तान से हरियाणा आया था। उनका परिवार हरियाणा के रोहतक जिले के एक गांव निंदाना में बस गया, जहां उनका जन्म 1954 में हुआ था। वर्ष 2014 में, जब भाजपा ने पहली बार अपने बल पर हरियाणा में सरकार बनाई, तो खट्टर लगभग दो दशकों में राज्य के पहले गैर-जाट मुख्यमंत्री बने, जिससे राज्य की राजनीति में जाटों का लंबे समय से चला आ रहा वर्चस्व टूट गया।

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खट्टर को मुख्यमंत्री के रूप में अपने दो कार्यकालों के दौरान, पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए पूर्व-योग्यता शर्तें पेश करने और पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित करने के निर्णय का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने 'परिवार पहचान पत्र' योजना भी शुरू की, जिसके तहत हरियाणा सरकार हर परिवार को एक विशिष्ट पारिवारिक पहचान जारी करती है। खट्टर को सहयोगी जननायक जनता पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का भी काफी श्रेय दिया जाता है। हालांकि, खट्टर के स्थान पर सैनी को मुख्यमंत्री बनाये जाने के बाद जजपा का भाजपा के साथ गठबंधन खत्म हो गया।

रविवार को नये केंद्रीय मंत्रिमंडल में शपथ लेने वाले भाजपा नेता खट्टर अब सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में अपनी नयी पारी शुरू करने की तैयारी में हैं।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published June 9th, 2024 at 21:27 IST

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