31 दिसंबर को जनता से मांगी माफी और आज दे दिया इस्तीफा, क्या है मणिपुर हिंसा जिसमें गई CM बीरेन सिंह की कुर्सी
10 फरवरी से मणिपुर विधानसभा का सत्र शुरू होना था। मणिपुर हिंसा को लेकर बीरेन सिंह ने 31 दिसंबर, 2023 को जनता से माफी मांगी थी। आज उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
- भारत
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Manipur CM resignation: एन बिरेन सिंह ने राज्यपाल से मिलकर रविवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। उनके साथ BJP सांसद संबित पात्रा, सरकार के मंत्री और विधायक राजभवन पहुंचे थे। जिसके बाद मणिपुर में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इससे पहले आज ही बिरेन सिंह ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी। एन बिरेन सिंह का इस्तीफा ऐसे वक्त आया है जब कल यानी सोमवार से (10 फरवरी, 2025) से मणिपुर विधानसभा का सत्र शुरू होना था।
एन बिरेन सिंह सरकार के खिलाफ विपक्ष विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा था। मणिपुर हिंसा को लेकर बीजेपी विधायक भी बीरेन सिंह से नाराजगी जता रहे थे। पिछले साल अक्टूबर के महीने में BJP के 19 विधायकों ने एन बीरेन सिंह को सीएम पद से हटाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत भी लिखा था। जिसमें विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रत सिंह समेत सरकार के मंत्री भी शामिल थे।
31 दिसंबर को जनता से मांगी थी माफी
भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में 3 मई, 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है। इस संघर्ष में अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। जातीय हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने 31 दिसंबर, 2023 को हिंसा के लिए जनता से माफी मांगी थी। उन्होंने 2024 को राज्य के लिए दुर्भाग्य से भरा बताया था। बीरेन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया था कि मणिपुर में मई से अक्टूबर 2023 तक गोलीबारी की 408 घटनाएं, नवंबर 2023 से अप्रैल 2024 तक 345 और मई 2024 से अब तक 112 घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा-
"मणिपुर में जो कुछ हुआ उसके लिए मैं माफी मांगना चाहता हूं, कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया और कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा।"
हिंसा के प्रमुख कारण
मैतेई समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जा की मांग ने आदिवासी समुदायों में असंतोष बढ़ाया, जो इस विशेषाधिकार का विरोध कर रहे थे। मैतेई लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में बसने से रोकने वाले कानूनों के कारण भूमि को लेकर तनाव बढ़ा। अवैध अतिक्रमण और नशीली खेती भी हिंसा का प्रमुख कारण है। सरकार द्वारा आरक्षित वनों में अतिक्रमण और पोस्ता की खेती के खिलाफ की गई कार्रवाइयों ने आदिवासी समुदायों में नाराजगी पैदा की।
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मणिपुर हिंसा की प्रमुख घटनाएं
- 3 मई, 2023: ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन ऑफ मणिपुर (एटीएसयूएम) द्वारा आयोजित एकजुटता मार्च के दौरान हिंसा भड़की, जिसके बाद झड़पें शुरू हुईं।
- 19 जुलाई, 2023: एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दो कुकी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार दिखाया गया, जिससे राष्ट्रीय आक्रोश बढ़ा।
ताजा घटनाक्रम ये है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति में बदलाव आया है।