एटम बम के बहाने पाकिस्तान प्रेम, अब चीन... मणिशंकर अय्यर के गद्दार वचन कब तक? BJP के तीखे सवाल

मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस की फजीहत करा दी है। पार्टी बैकफुट पर है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पूरी पार्टी की सोच को भारत विरोधी करार दिया।

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gaurav bhaita
gaurav bhaita | Image: Grab

Mani Shankar Aiyar Remark: मणिशंकर अय्यर के एक बयान ने फिर बवाल मचा दिया है। सातवें दौर की वोटिंग से पहले जो कुछ भी उन्होंने कहा है उससे कांग्रेस फिर सवालों के भंवर जाल में फंसती जा रही है। बीजेपी हमलावर है, कांग्रेस ने बयान से किनारा कर लिया है तो अय्यर माफी मांग रहे हैं लेकिन तीर कमान से निकल गया है और ग्रैंड ओल्ड पार्टी की मंशा पर बीजेपी ने निशाना साधा है।

पहले बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने अय्यर के बयान को शर्मनाक बताया तो अब पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इसके लिए पार्टी दिग्गजों को भी जिम्मेदार माना है।

गौरव भाटिया का सवाल-कांग्रेस चुप क्यों?

गौरव भाटिया के मुताबिक मणिशंकर का बयान भारत विरोधी मानसिकता का परिचायक है और इसे पूरी तरह से सोच समझ कर दिया गया है।  दिल्ली में उन्होंने कहा- मणिशंकर अय्यर का कहना है कि 1962 में चीन ने कथित तौर पर भारत पर आक्रमण किया था। क्या यह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की सहमति के बिना हो सकता है जो चुप हैं? यह चुप्पी क्यों? हम सभी जानते हैं कि भारत और चीन के बीच क्या संबंध हैं, भारत गर्व के साथ खड़ा रहा है और चीन को उसकी जगह दिखाता रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस और मणिशंकर अय्यर का यह संकेत कांग्रेस पार्टी की भारत विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।"

क्या कहा मणिशंकर ने जिसके लिए मांगनी पड़ी माफी?

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा था -1962 में चीनियों ने ‘कथित’ तौर पर भारत पर आक्रमण किया था। मामले ने तूल पकड़ा तो मणिशंकर अय्यर ने माफी भी मांग ली। इस बयान को बीजेपी ने संशोधनवाद का बेहद शर्मनाक (brazen attempt at revisionism) प्रयास करार दिया था।  बीजेपी ने यह भी सवाल किया कि आखिर कांग्रेस का चीनियों के प्रति प्रेम क्या दर्शाता है?

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फॉरेन कॉरेस्पोंडेट्स क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के कथित वीडियो में मणिशंकर  ने ये टिप्पणी एक पुस्तक ‘नेहरूज फर्स्ट रिक्रूट्स’ के विमोचन के मौके पर की थी।

कांग्रेस निशाने पर

बीजेपी के निशाने पर कांग्रेस

मालवीय ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि, ”नेहरू ने चीन के पक्ष में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट पर भारत का दावा छोड़ दिया, राहुल गांधी ने एक गुप्त समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीनी दूतावास से धन लिया और चीनी कंपनियों के लिए बाजार पहुंच की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की, उनके आधार पर, सोनिया गांधी की संप्रग ने चीनी सामानों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया, जिससे एमएसएमई को नुकसान पहुंचा और अब कांग्रेस नेता अय्यर चीनी आक्रमण पर लीपा-पोती करना चाहते हैं, जिसके बाद से चीन ने 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है...कांग्रेस का चीनियों के प्रति प्रेम क्या दर्शाता है?

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पहली बार नहीं अय्यर को आदत है!

मणिशंकर अय्यर विवादित बोलों के कारण  हैं। ज्यादा दिन नहीं बीते जब अय्यर ने कहा था कि भारत को ये नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान के पास भी परमाणु हैं। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का मई में एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे कह रहे हैं कि भारत को पाकिस्तान को इज्जत देनी चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उसके पास भी परमाणु बम है। कोई सिरफिरा आया तो हम पर इसका इस्तेमाल कर सकता है।

इससे पहले पाकिस्तान के दौरे पर भी उन्होंने अनर्गल बयान दिया था। मणिशंकर अय्यर इसी साल फरवरी में पाकिस्तान गए थे। वे यहां लाहौर के अलहमरा में फैज महोत्सव में शामिल हुए थे। तब कहा था- धार्मिक कट्टरवाद में पाकिस्तान की नकल करने की कोशिश कर रहा भारत, खुद को 'हिंदू राष्ट्र' बनाना चाहता है।

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Published By :
Kiran Rai
पब्लिश्ड