अपडेटेड 8 January 2026 at 12:49 IST

Maharashtra : अंबरनाथ में BJP ने कर दिया बड़ा उलटफेर, कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने के बाद भी सत्ता का रास्ता साफ, लगाया ये तिगड़म

Maharashtra News : अंबरनाथ नगर परिषद में BJP ने बड़ा खेल किया। शिवसेना (शिंदे) 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से 4 सीट दूर रही। BJP ने पहले कांग्रेस से गठबंधन किया, जो टूट गया। कांग्रेस ने अपने 12 पार्षदों को निलंबित किया। देर रात BJP ने इन्हीं निलंबित पार्षदों को शामिल कर लिया, अब अपना नगर अध्यक्ष बनाएगी।

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Major political upset in Ambernath Municipal Council 12 suspended Congress councillors join BJP
अंबरनाथ में BJP ने कर दिया बड़ा उलटफेर | Image: ANI

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद की राजनीति ने एक बार फिर नया मोड़ लिया है। हाल ही में हुए चुनावों के बाद यहां बड़ा खेल हुआ है। यहां सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए पार्टियों ने चौंकाने वाले फैसले लिए।

पहले BJP ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। जब Republic Media Network Editor-in-Chief Arnab Goswami को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इसपर सवाल किया, तो उन्होंने हैरानी जताई और बाद में एक्शन लेते हुए गठबंधन तोड़ने का निर्देश दिया। कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों पर एक्शन लेते हुए निलंबित कर दिया था। अब देर रात BJP ने कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए 12 पार्षदों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया। इससे BJP की ताकत बढ़ गई है और वह अब नगर अध्यक्ष पद पर कब्जा करने की स्थिति में आ गई है।

अंबरनाथ नगर परिषद का गणित

चुनाव परिणामों की बात करें तो अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 59 सीटें हैं। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। उसने 27 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत से सिर्फ 4 सीटें दूर रह गई। BJP को 14 सीटें, कांग्रेस को 12 सीटें और एनसीपी (अजित पवार गुट) को 4 सीटें मिली थीं। कुल 59 सीटों वाली इस परिषद में बहुमत के लिए 30 सीटें चाहिए।

स्थानीय नेताओं ने बनाया 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी'

चुनाव के बाद सत्ता में आने के लिए BJP ने शिवसेना को छोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर लिया। इस गठबंधन का नाम 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' रखा गया। इसका मकसद शिवसेना को सत्ता से बाहर रखना था। लेकिन यह गठबंधन ज्यादा देर नहीं टिका। दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं को यह पसंद नहीं आया। कांग्रेस ने अपने 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया, क्योंकि उन्होंने BJP के साथ गठबंधन किया था।

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देर रात आया बड़ा ट्विस्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने Arnab Goswami को दिए इंटरव्यू में इस गठबंधन को गलत बताया और तुरंत गठबंधन तोड़ने के आदेश दिए। गठबंधन टूटने के बाद देर रात एक और बड़ा ट्विस्ट आया। कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए ये सभी 12 पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए। अब बीजेपी के पास अपने 14 पार्षदों के साथ ये 12 नए सदस्य हो गए हैं, यानी कुल 26। एनसीपी के समर्थन से बीजेपी अब यहां अपना नगराध्यक्ष बनाने की स्थिति में आ गई है। इससे शिवसेना (शिंदे गुट) को बड़ा झटका लगा है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 8 January 2026 at 12:49 IST