'मैंने जवाब दिया तो मुश्किल में पड़ जाएंगे', लोकसभा में रिजिजू ने किया पलटवार तो अखिलेश की बोलती बंद

Parliament Session: किरेन रिजिजू जब सदन में बोल रहे थे विपक्ष के कुछ सांसद सीट पर बैठे-बैठे टिप्पणी कर रहे थे। उनके समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी थे।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Kiren Rijiju Vs Akhilesh Yadav
Kiren Rijiju Vs Akhilesh Yadav | Image: Sansad TV

Kiren Rijiju Vs Akhilesh Yadav: लोकसभा में किरेन रिजिजू ने समाजवादी पार्टी के सांसद और प्रमुख अखिलेश यादव की बोलती बंद कर दी। सदन में संविधान पर चर्चा चल रही है, जिसमें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बहस के दौरान जवाब दे रहे थे। इसी बीच अखिलेश यादव को भी किरेन रिजिजू ने जवाब दिया और कुछ ऐसा कर दिया कि अखिलेश यादव उस पर ज्यादा कुछ बोल नहीं पाए।

हुआ यूं कि किरेन रिजिजू जब सदन में बोल रहे थे विपक्ष के कुछ सांसद सीट पर बैठे-बैठे टिप्पणी कर रहे थे। उनके समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी थे। सदन में अखिलेश बीच में किरेन रिजिजू को टोक रहे थे, जिस पर तुरंत केंद्रीय मंत्री ने पलटवार किया और कहा कि अखिलेश जी मैं आपको जवाब दे दूंगा, अगर आप बीच में बोलेंगे तो। उसके बाद दोनों नेताओं के बीच बहस बढ़ी। अखिलेश यादव ने कुछ कहने की कोशिश की, जिस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं आज किसी का जवाब नहीं देना चाहता हूं। अखिलेश यादव को जवाब नहीं देना चाहता हूं, क्योंकि मैं जवाब दूंगा तो वो मुश्किल में पड़ जाएगा, क्योंकि समाजवादी पार्टी के समय में उत्तर प्रदेश में क्या हाल था।'

संविधान के मूल मंत्र पर सरकार काम कर रही है- रिजिजू

हालांकि इस बहस को स्पीकर ओम बिरला ने यहीं खत्म करा दिया और किरेन रिजिजू को संविधान के विषय पर अपनी बात रखने के लिए कहा। भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के दौरान लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मुझे गर्व है कि जब प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल शुरू हुआ तो उन्होंने संविधान की इसी भावना का पालन करते हुए अपनी सरकार का मंत्र इस देश के सामने रखा और वो मंत्र है- 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।'

किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान के मूल मंत्र पर सरकार काम कर रही है। हमारा संविधान सबसे खूबसूरत है। समानता संविधान की आत्मा जैसी है। संविधान का हर शब्द प्रेरणादायी है। एक बात मैं गंभीरता से कहना चाहता हूं और हम लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि हम कुछ ऐसा नहीं बोलें, जिससे विदेश में छवि खराब हो।

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'एक देश-एक चुनाव' पर सरकार ने की तैयारी, सोमवार को संसद में पेश होगा बिल

Advertisement
Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड