EXPLAINER/ तमिलनाडु में सस्पेंस खत्म, लेकिन केरल में मुख्यमंत्री के लिए अब भी घमासान; लगातार मीटिंग कर रही कांग्रेस हाईकमान, CM की रेस में ये 3 नाम
Kerala New CM Face: केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर जारी है और कांग्रेस हाईकमान जल्द नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकता है।
- भारत
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Kerala New CM: सरकार गठन को लेकर काफी अटकलबाजी और सीटों के घमासान के बाद शनिवार को ये स्पष्ट हो गया कि विजय ही तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इसके लिए द्रमुक की सहयोगी वीसीके और आइयूएमएल ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दे दिया। लेकिन, केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF की शानदार जीत के बाद भी अब सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि पिनाराई विजयन के बाद राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
बता दें, कांग्रेस ने 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है और इसी के साथ मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाओं और बैठकों का दौर लगातार जारी है। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शनिवार को कई घंटे तक चली बैठक के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है।
कांग्रेस हाईकमान अब बेहद सावधानी से फैसला लेना चाहता है ताकि सरकार बनने से पहले किसी तरह का अंदरूनी विवाद सामने न आए। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग नेताओं से बातचीत कर उनकी राय जानी है। अब माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।
CM की रेस में तीन बड़े चेहरे सबसे आगे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में इस समय कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें विपक्ष के नेता रहे वीडी सतीशन, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला शामिल हैं। तीनों नेताओं की अपनी मजबूत पकड़ और अलग-अलग राजनीतिक ताकत मानी जा रही है।
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इसमें वीडी सतीशन को इस समय सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पिछले 5 वर्षों में उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ आक्रामक भूमिका निभाई थी। चुनाव में मिली बड़ी जीत का श्रेय भी काफी हद तक उन्हें दिया जा रहा है। सहयोगी दलों के कई नेता भी उनके समर्थन में नजर आ रहे हैं।
वहीं रमेश चेन्निथला का संगठन में लंबा अनुभव और वरिष्ठता उनके पक्ष में माना जा रहा है। उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। हालांकि 2021 के चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर विरोधी गुट लगातार सवाल भी उठा रहा है।
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जबकि केसी वेणुगोपाल को कांग्रेस आलाकमान का बेहद करीबी नेता माना जाता है। राहुल गांधी और खरगे दोनों का भरोसा उन पर बताया जाता है। फिलहाल वे पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हालांकि उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था, इसलिए यदि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा।
पोस्टर वॉर ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता
मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के अंदर चल रही खींचतान अब सड़कों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। तिरुवनंतपुरम समेत कई इलाकों में नेताओं के समर्थन में पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। कुछ जगहों पर पोस्टर फाड़ने और विरोध प्रदर्शन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे कांग्रेस हाईकमान नाराज बताया जा रहा है।
ओमन चांडी और केसी वेणुगोपाल की तस्वीर वाले फ्लेक्स बोर्ड को नुकसान पहुंचाने की घटना ने पार्टी के भीतर के मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मुख्यमंत्री का फैसला केवल हाईकमान ही करेगा।
शशि थरूर का नाम भी चर्चा में
इन तीन बड़े नामों के अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद अटकलें और तेज हो गईं। हालांकि पार्टी के भीतर अब तक उन्हें राष्ट्रीय राजनीति का चेहरा माना जाता रहा है और राज्य की सक्रिय राजनीति में उनकी भूमिका सीमित रही है।
इसके बावजूद थरूर की लोकप्रियता और साफ-सुथरी छवि को देखते हुए उनके नाम को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल मुख्य मुकाबला वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच ही माना जा रहा है।
हाईकमान के हाथ में अंतिम फैसला
वहीं कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने प्रस्ताव पास कर मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दे दिया है। पार्टी पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक विधायकों की राय लेकर अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंप चुके हैं।
केरल में UDF ने 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ी वापसी की है। इनमें कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीती हैं। पार्टी अब किसी भी तरह की जल्दबाजी या गुटबाजी से बचना चाहती है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला सोच-समझकर लिया जा रहा है।