'जा जी ले अपनी जिंदगी'... कंगना रनौत ने लोकसभा में बॉलीवुड तड़के के साथ नारी शक्ति का उद्घोष, पीएम मोदी को बताया 'Feminist'
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान मंडी से बीजेपी संसद कंगना रनौत ने अपने अंदाज में बात रखी। अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना ने इस बिल को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया।
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लोकसभा में गुरुवार का दिन महिला सशक्तिकरण की चर्चा और राजनीतिक बयानबाजी के नाम रहा। वहीं भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सदन में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए न केवल विपक्ष को आड़े हाथों लिया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की जमकर सराहना की। कंगना ने प्रधानमंत्री को 'सबसे बड़ा नारीवादी' (Biggest Feminist) करार देते हुए उनके नेतृत्व में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया।
सरकार ने देश की बेटियों से कहा है-जा जी ले अपनी जिंदगी
अपने संबोधन के दौरान कंगना ने बॉलीवुड की कालजयी फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (DDLJ) के मशहूर डायलॉग का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि आज सरकार ने देश की हर बेटी और महिला को यह अहसास कराया है कि उनके लिए सारे पिंजरे और दीवारें टूट चुकी हैं। उन्होंने जोश के साथ कहा कि सरकार ने देश की बेटियों से कहा है, जा जी ले अपनी जिंदगी।
कांग्रेस पर कड़ा प्रहार, 'मुद्दों को लटकाना ही विपक्ष की नीति'
कंगना संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 पर अपनी राय रख रही थीं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने दशकों तक महिला आरक्षण जैसे गंभीर विषयों को ठंडे बस्ते में डाल रखा था। जब वर्तमान सरकार इस पर त्वरित कार्रवाई कर रही है, तो कांग्रेस सवाल उठा रही है कि इतनी जल्दी क्या है? कंगना ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या ऐसे महत्वपूर्ण सुधारों को और 60 साल तक लटकाए रखना चाहिए?
देश का भला हो, तो कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ते हैं
विपक्ष पर तीखा हमला जारी रखते हुए कंगना ने मुहावरे का प्रयोग किया और कहा कि जब भी देश में कुछ अच्छा होता है, तो कांग्रेस के 'पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं'। उन्होंने समाजवादी पार्टी और टीएमसी के नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि इन दलों की मानसिकता हमेशा से महिला विरोधी रही है। कंगना ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए याद दिलाया कि जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा, तो किस तरह विपक्षी नेताओं ने उनके पोस्टर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।