'जैसे गांधी जी के 3 बंदर थे, वैसे ही राहुल गांधी के 3 सांकेतिक बंदर हैं जो...', BJP नेता शहजाद पूनावाला ने ऐसा क्यों कहा?

Shehzad Poonawalla on Rahul Gandhi : बुधवार को जब गृह मंत्री अमित शाह SIR पर विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब दे रहे थे, तो राहुल गांधी समेत विपक्ष ने संसद की कार्रवाई का बॉयकॉट कर दिया था। आज BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि नेता विपक्ष के पास महात्मा गांधी की तरह तीन बंदर हैं।

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Shehzad Poonawalla on Rahul Gandhi
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला | Image: BJP/YouTube

Shehzad Poonawalla on Rahul Gandhi : SIR को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा के दौरान बहस भी जारी है। विपक्ष लगातार सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रहा है। जब बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह SIR पर विपक्ष को एक-एक सवाल का जवाब दे रहे थे, तो राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी सांसद बहिष्कार करके बाहर चले गए।

वहीं, आज BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लिया है। बीजेपी प्रवक्ता ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा।

राहुल के भी तीन राजनैतिक सांकेतिक बंदर- बीजेपी

प्रेस वार्ता के दौरान शहजाद पूनावाला ने कहा कि महात्मा गांधी जी के तीन बंदर थे, आज आधुनिक काल में राहुल गांधी के भी तीन राजनैतिक सांकेतिक बंदर हैं। उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी के तीन बंदर थे। बुरा मत देखो, बुरा मत बोलो और बुरा मत सुनो। आपने देखा होगा चित्रण है महात्मा गांधी के तीन बंदर।"

उन्होंने आगे कहा, "आधुनिक काल में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भी तीन राजनैतिक सांकेतिक बंदर हैं। ये तीन बंदर राहुल जी की उस प्रवृति को दर्शाते हैं (इसको कोई अन्यथा ना ले) कि सच मत बोलो, सच मत सुनो और सच मत देखो। कल संसद में जो चुनाव सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई, उसमें राहुल गांधी ने इन्हीं तीन बंदरों का उदाहरण पेश करते हुए (मैं उनको नहीं तुलना कर रहा हूं।), उन्हीं की तरह अनुकरण करते हुए राहुल गांधी ना सच सुनने को तैयार थे, राहुल गांधी ना सच देखने को तैयार थे, राहुल गांधी ना सच बोलने को तैयार थे।"

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LoP का मतलब लीडर ऑफ प्रोपगेंडा- पूनावाला

शहजाद पूनावाला ने कहा, "इसलिए राहुल गांधी जी ने कल एलओपी का एक नया मतलब गढ़ लिया।" पूनावाला ने बताया कि राहुल गांधी के लिए एलओपी का मतलब लीडर ऑफ अपोजिशन नहीं है। उनके लिए इसका मतलब लीडर ऑफ प्रोपगेंडा है। संवैधानिक संस्थाओं पर भरपूर प्रोपगेंडा फैलाना, राफेल पर, सेना पर, एचएएल पर, LIC पर, SBI पर सब पर। लेकिन कल उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर जो प्रोपगेंडा फैलाया वो तो लीडर ऑफ प्रोपगेंडा तो है ही।

राहुल जी तो संसद छोड़कर ही भाग गए

शहजाद ने आगे कहा, दूसरा एलओपी का मतलब राहुल गांधी के लिए बन चुका है- लीडर ऑफ पलायन। मतलब कि संसद में पहले आप चर्चा की मांग करो, चर्चा के लिए चुनौती दो आप और जब चर्चा में आपको जवाब मिले, बिंदुवार तरीके से आपके जो झूठ के बम हैं, वह डिफ्यूज हो जाएं और आपके एक के बाद एक झूठ के ऊपर से पर्दाफाश होता जाए, तो आप एलओपी लीडर ऑफ पलायन बनकर के संसद से भाग जाओ। उन्होंने कहा था कि डरो मत, हम कहते हैं कि राहुल जी भागो मत। आप तो संसद छोड़कर ही भाग गए। तो इनको सच नहीं देखना है, सच नहीं बोलना है और सच नहीं सुनना है। 

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Published By:
 Sagar Singh
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