जेल से छूटकर दोबारा मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन बोले, कोर्ट के आदेश से बाहर आया हूं अब...
शपथ लेने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्तमान महागठबंधन की सरकार ने 2019 से जनता की भावनाओं के अनुरूप सारी कार्य योजनाएं की।
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Hemant Soren became Chief Minister: झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने गुरुवार 4 जुलाई को झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
शपथ लेने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्तमान महागठबंधन की सरकार ने 2019 से जनता की भावनाओं के अनुरूप सारी कार्य योजनाएं की। राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच चंपई सोरेन ने उसे आगे बढ़ाया क्योंकि मैं जेल में था। क्यों था इस पर नहीं जाऊंगा अभी। कोर्ट के आदेश से मैं बाहर आ पाया हूं। पुन: अपने कार्यभार को संभालते हुए अब आगे के काम किए जाएंगे।
जनवरी में हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम नेता हेमंत सोरेन को तथाकथित भूमि घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने पिछले दिन जमानत दी। 31 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हुई थी। उसके पहले सोरेन सत्ता छोड़ चुके थे। हालांकि, जमानत के बाद से ही ऐसी चर्चा थी कि हेमंत सोरेन एक बार फिर झारखंड के सीएम बन सकते हैं।
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आपको बता दें कि हेमंत सोरेन की वापसी के बाद चंपई सोरेन का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था कि हमें न्याय मिलेगा। 2019 और 2024 दोनों चुनाव हमने उनके नाम पर ही लड़ा।
क्या बगावत करेंगे चंपई सोरेन?
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ऐसा ही कुछ हमें बिहार में भी देखने को मिला था, जब नीतीश कुमार ने मांझी को कुछ दिन के लिए सीएम की कुर्सी पर बिठाया था और वापसी पर उन्होंने मांझी से कुर्सी छोड़ने के लिए भी कह दिया था। इसके बाद मांझी के बगावती सुर शुरू हो गए थे, जिसने बिहार की सियासत को हिला कर रख दिया था। माना जा रहा है कि ऐसा ही कुछ झारखंड में भी देखने को मिल सकता है। अब तो ये वक्त ही बताएगा कि हेमंत सोरेन के इस फैसले को लेकर चंपई सोरेन की क्या प्रतिक्रिया होती है। क्या वो भी मांझी की तरह बगावत करेंगे या इस फैसले को खुशी-खुशी मानकर पीछे हट जाएंगे?