'अगर हिम्मत है तो गिरफ्तार करें, कोई रेप या...', संभल के सांसद बर्क के समर्थन में अफजाल अंसारी का भड़काऊ बयान
अफजाल अंसारी ने कहा, 'बर्क साहब निडर हैं। अगर हिम्मत है तो गिरफ्तार करें, ये लाखों जनता द्वारा निर्वाचित हैं। कोई हत्या, रेप का केस दर्ज है क्या? '
- भारत
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संभल हिंसा मामले में आरोपी समाजवादी पार्टी के जियाउर्रहमान बर्क पर कानून लगातार अपना शिकंजा कसता जा रहा है ऐसे में अब गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी संभल सांसद के समर्थन में आए हैं। अफजाल अंसारी ने सपा सांसद के समर्थन में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमला बोला है। मऊ के माफिया मुख्तार अंसारी के भाई और सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा मेरा मानना है कि ये सरकार जिस तरह से काम कर रही है उससे हमें हर समय गिरफ्तारी के लिए तैयार रहना चाहिए। अभी एक दिन पहले ही 8 अप्रैल को संभल हिंसा मामले में पुलिस ने जांच में तेजी लाते हुए आज मामले में आरोपी नंबर एक जियाउर्रहमान बर्क से थाने में पूछताछ की थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सपा सांसद SIT के कई सवालों के जवाब देने में अटक गए। मसलन, 23 नवंबर को सांसद और जफर की बातचीत हुई थी जो 3 बार हुई थी और उस बातचीत में क्या-क्या हुआ था? इसका जवाब वो ठीक तरह से नहीं दे पाए।
सूत्रों के मुताबिक सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने SIT को बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि 24 फरवरी को मस्जिद का सर्वे होना है जबकि एक दिन पहले रात में उनकी जफर से बातचीत हुई थी और जफर को सर्वे की पूरी जानकारी थी। सांसद से जब 23 नवंबर की उनकी बातचीत पर सवाल किए गए तो उसमें सांसद जिया सही जवाब नहीं पाए, क्योंकि पुलिस ने साइंटिफिक सबूतों के आधार पर कई सवाल पूछे थे, जिनमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क बचते नजर आए। पुलिस ने बताया कि संभल हिंसा होने से पहले वहां कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे इन ग्रुपों में सांसद बर्क के भी जुड़े होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने सांसद से सोशल मीडिया ग्रुप की जानकारी मांगी है। बर्क पर हो रही कार्रवाईयों को लेकर गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने उनके समर्थन में सरकार के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया है।
अगर हिम्मत है तो गिरफ्तार करें...
गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी संभल हिंसा मामले में संभल के सपा सांसद पर हो रही कार्रवाइयों को लेकर अपनी पार्टी के सांसद के समर्थन में आए और कहा, 'मेरा मानना है जिस तरह से ये सरकार काम कर रही है तो गिरफ्तारी के लिए हर वक्त तैयार रहना चाहिये। बर्क साहब निडर हैं, वो डरने वाले नहीं है। अगर हिम्मत है तो गिरफ्तार करें, ये लाखों जनता द्वारा निर्वाचित हैं। कोई हत्या, रेप का केस दर्ज है क्या? पब्लिक को भड़काने का काम किया जा रहा है सरकार द्ववारा।'संभल सांसद के नाम से बनाया गया था व्हाट्सएप ग्रुप। सूत्र बताते हैं कि जिस व्हाट्सएप ग्रुप का नाम संभल सांसद है, ग्रुप की फोटो में कार्यकर्ताओ के बीच संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क खड़े हैं। कई गिरफ्तार आरोपियों के फोन में भी इस नाम का ग्रुप था। ग्रुप में text और फोटो मेसेज के जरिए लोगों को इक्कठा करने की बात की गई। पुलिस ने संभल हिंसा मामले में बर्क को आरोपी नंबर एक बनाया है।
24 नवंबर की हिंसा को लेकर जफर अली ने लिया था बर्क का नाम
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क का नाम इस घटना में सामने आया था। यह नाम तब सामने आया जब जामा मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, जफर अली, पुलिस के गिरफ्त में थे। 23 मार्च को जफर अली को गिरफ्तार किया गया और मुरादाबाद जेल भेज दिया गया। शुरू में, जफर अली ने पुलिस से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने उसकी पूछताछ बढ़ाई, उसने एक बड़ा खुलासा किया। जफर अली ने बताया कि हिंसा के पीछे एक सुनियोजित योजना थी, जिसमें राजनीति और समाजिक माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया गया था। उसने समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क का नाम लिया, और यह बताया कि बर्क के इशारे पर ही उसने कई बार मस्जिद के पास हिंसा भड़काने की कोशिश की थी। जफर ने स्वीकार किया कि बर्क के द्वारा उसे दबाव डालकर कुछ भड़काऊ बयान देने को कहा गया था, ताकि समुदाय के बीच वैमनस्य फैलाया जा सके।