SIR पर बवाल के बीच चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के पोस्ट का कर दिया फैक्ट चेक, कहा- बयान पूरी तरह भ्रामक, फॉर्म 6 में कॉमा, फुल स्टॉप तक नहीं बदला

पिछले कुछ दिनों से जारी फॉर्म-6 को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को LoP ने मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फॉर्म 6 में बदलाव किया। इसके तुरंत बाद EC ने राहुल गांधी के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया और पूरी तरह भ्रामक बताया।

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Rahul Gandhi Election Commission Form 6 Gyanesh Kumar
राहुल के दावे पर EC का पलटवार: फॉर्म-6 में बदलाव के दावे को बताया भ्रामक | Image: ANI/Republic

फॉर्म-6 को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार, 5 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने एक बार फिर कहा है कि फार्म 6 में एक कॉमा और पूर्ण विराम का भी बदलाव नहीं किया है। आयोग ने सिर्फ मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म 6 के साथ घोषणापत्र का एक्स्ट्रा फॉर्म जोड़ने की बात कही है।

चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में SIR के दौरान इसका प्रोटोकॉल बना था। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट (SC) में उसे लेकर चुनौती दी गई थी, लेकिन SC ने सुनवाई के बाद सही बताया था और कहा था कि यह आयोग को मिली शक्तियों के दायरे में हैं। आयोग ने इसे लेकर कहा कि अतिरिक्त घोषणा पत्र भी प्रोटोकॉल में ही शामिल था।

इस बीच सोमवार को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष (LoP) ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से ज्ञानेश कुमार और फॉर्म-6 को लेकर आरोप लगाते हुए कहा कि 'यह साबित हो गया कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फ़ॉर्म 6 में बदलाव किया। राहुल के इस पोस्ट पर आयोग ने जवाब देते हुए कहा कि 'इस पोस्ट (राहुल गांधी के पोस्ट) में दिया गया बयान गुमराह करने वाला है।'

राहुल गांधी ने CEC और फॉर्म 6 को लेकर क्या कहा?

सोमवार को LoP राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पेज को मार्क करते हुए आरोप लगाया कि 'अब यह बात बिना किसी शक के साबित हो गई है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फ़ॉर्म 6 में बदलाव किया।' आगे उन्होंने कहा कि 'यह उनके पद का दुरुपयोग करके भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मदद करने का एक और सबूत है।'

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राहुल गांधी के पोस्ट का आयोग ने किया फैक्ट चेक

राहुल गांधी के पोस्ट का फैक्ट चेक करते हुए चुनाव आयोग ने कहा 'इस पोस्ट में दिया गया बयान गुमराह करने वाला है।' आगे आयोग ने कहा कि 'बिहार में SIR के लिए 24 जून 2025 को जारी आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंज़ूरी से जारी किया गया था। भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में इस आदेश को सही ठहराया है।

इसके बाद अपने दूसरे पॉइंट में आयोग ने कहा कि 'ECI ने 26 सितंबर 2026 के अपने प्रेस नोट नंबर 120 के पॉइंट 1(iii) में कहा है कि, "SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है।"

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सोमवार को फॉर्म-6 पर SC ने क्या कहा?

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने फ़ॉर्म 6 के किसी भी बदले हुए वर्शन को मंजूरी नहीं दी थी, जिसका इस्तेमाल स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में नए वोटरों को जोड़ने के लिए किया जाता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने और उन पर मुकदमा चलाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही।

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा, "हमने फ़ॉर्म 6 के किसी भी बदले हुए वर्शन को मंजूरी नहीं दी है। यह बात साफ होनी चाहिए। जब रिकॉर्ड पेश किया जाएगा, तो हम देखना चाहेंगे कि बदलाव किसने किया है।"

BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

राहुल गांधी द्वारा फ़ॉर्म 6 और चुनाव आयोग पर आरोप लगाए जाने पर BJP ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने Lop पर हमला करते हुए कहा '"राहुल गांधी ने दो बातों पर जनता को गुमराह किया। सबसे पहले, उन्होंने दावा किया कि फॉर्म 6 गैर-कानूनी है, खासकर इस मामले में भारतीय जनता पार्टी का ज़िक्र किया। हालांकि, कोर्ट ने आज फॉर्म 6 को गैर-कानूनी नहीं बताया।'

आगे उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी ने देश और जनता को गुमराह करने की कोशिश की, असल में अराजकता की स्थिति बनाने की कोशिश की है।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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