'मैं नाराज नहीं हूं, महायुति में कोल्ड वार नहीं...', डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ अनबन पर तोड़ी चुप्पी

डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चल रही अनबन पर चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि 'कोई मतभेद नहीं है और ना मैं नाराज हूं।'

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Devendra Fadnavis and Eknath Shinde
डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ अनबन पर तोड़ी चुप्पी | Image: ANI

Maharashtra News : महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच लगातार मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। कई बार दोनों नेताओं के बीच अनबन देखने को मिली है। CM देवेंद्र फडणवीस की कई सरकारी मीटिंग में भी एकनाथ शिंदे नहीं पहुंचे थे। अब अनबन की खबरों को लेकर डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने चुप्पी तोड़ी है।

मंगलवार को एकनाथ शिंदे ने कहा कि "सरकार में कोई कोल्ड वॉर नहीं चल रहा है, सब ठंडा-ठंडा कूल-कूल है।" अपनी नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि महायुति की तीनों पार्टियों में कभी कोल्ड वॉर नहीं होगा और ना हॉट वार होगा। महायुति में कोई मतभेद नहीं है और ना मैं नाराज हूं।

चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ की स्थापना

एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के अस्तित्व के बावजूद मंत्रालय में एक चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ की स्थापना की है। राज्य में अपनी तरह का यह संभवत: पहला मामला है और यह ऐसे वक्त में हुआ है जब देवेंद्र फडणवीस नीत सरकार में महायुति सहयोगियों के बीच प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति सहित अलग-अलग मुद्दों पर खींचतान मची हुई है। शिंदे के करीबी सहयोगी मंगेश चिवटे नए चिकित्सा प्रकोष्ठ का नेतृत्व करेंगे।

एकनाथ शिंदे से जब इसपर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'हम जनता के लिए काम कर रहे है। महायुति की तीनों पार्टियों का एक ही उद्देश्य है कि जनता की सेवा, जनता के लिए कितना काम हो और तीनों मिलकर कर काम कर रहे हैं। हम तीनों में कोई मतभेद नही हैं, ना हम नाराज हैं। ये महाविकास आघाडी थोड़ी है कि मतभेद और कोल्ड वार चलेगा।'

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विरोधी नेताओं से नजदीकियां!

महा विकास आघाड़ी और महायुति ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में डटकर एक-दूसरे का मुकाबला किया था, लेकिन मुश्किल से तीन महीने भी नहीं बीते हैं कि दोनों गठबंधनों में मतभेद उभर आए हैं। विधानसभा चुनाव में BJP के नेतृत्व वाले महायुति ने 288 में से 230 सीट जीतकर विजय हासिल की थी। पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुंबई, पुणे और ठाणे समेत नगर निकाय चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होंगे, जिसके लिए राज्य में पार्टियां कमर कस रही हैं।

हाल में शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम 3 बार मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ठाकरे ने एक बार मुलाकात की है, जबकि दूसरे वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से भेंट की है। इससे पहले ठाकरे की पार्टी के नेताओं ने फडणवीस की तीखी आलोचना की थी और उन पर शिंदे के जरिए 2022 में अविभाजित शिवसेना में विभाजन की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

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(भाषा इनपुट के साथ)

Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड