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Updated May 15th, 2024 at 15:38 IST

CM आवास पर मारपीट का आरोप, फिर संजय सिंह के बयान पर बरपा हंगामा... स्वाति मालीवाल अब खामोश क्यों?

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल अपने साथ हुई मारपीट पर अबतक खामोश हैं।

Reported by: Kanak Kumari
Swati Maliwal Assault Case
स्वाति मालीवाल ने मारपीट मामले में क्यों साधी चुप्पी? | Image:PTI
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दिल्ली महिला आयोग की पूर्व चीफ और आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की दिल्ली पुलिस को तलाश है। महिलाओं के लिए आवाज उठाने वाली, बेबाक होकर उनके अधिकार के लिए लड़ने वाली और एड़ी-चोटी का जोड़ लगाने वाली स्वाति मालीवाल आज अपने साथ हुए उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने में इतना वक्त ले रही हैं। बीते दिन एक खबर सामने आई जिसने सबको चौंका कर रख दिया। दिल्ली पुलिस की पीसीआर को दो फोन कॉल आए, जो स्वाति मालिवाल नाम के नाम से था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला ने पहले फोन कॉल में दिल्ली पुलिस की पीसीआर से कहा कि बिभव कुमार उनकी पिटाई कर रहे हैं और वो सीएम हाउस में मौजूद हैं। यह कॉल 14 मई को सुबह 10 बजे किया गया। इसके 5 से 7 मिनट के बाद एक दूसरा फोन आया। दूसरे कॉल में स्वाति मालीवाल ने कहा कि सीएम केजरीवाल के कहने पर बिभव कुमार उनकी पिटाई की। स्वाति ने पुलिस को तुरंत सीएम हाउस में आने को कहा। पुलिस तुरंत वहां पहुंची, लेकिन स्वाति मालीवाल से मुलाकात नहीं हो सकती।

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नियमों के अनुसार पुलिस ने तत्काल पीसीआर कॉल के आधार पर मौजूद स्टाफ से पूछताछ शुरू की। कुछ देर बाद स्वाति सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन पहुंची, लेकिन उन्होंने लिखित में शिकायत दर्ज नहीं करवाई। इस बीच खबरें ये उठने लगी कि स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की झूठी खबर बीजेपी ने फैलाई है। हालांकि, आप नेता संजय सिंह ने इस खबर की पुष्टि की है कि बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के साथ बदतमीजी की है।

आप सांसद संजय सिंह ने की पुष्टि...

आप नेता संजय सिंह ने कहा, "कल (13 मई) सुबह अरविंद केजरीवाल से मिलने स्वाति मालीवाल उनके आवास पर पहुंची थीं। ड्रॉइंग रूम में केजरीवाल का इंतजार कर रही थीं। इस बीच सीएम के पीए बिभव कुमार वहां पहुंचे और उनके साथ अभद्रता और बदतमीजी की। इस पूरी घटना को दिल्ली के सीएम ने संज्ञान में लिया है। वो इस मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे।"

उन्होंने कहा कि जहां तक स्वाति मालीवाल का सवाल है, उन्होंने देश और समाज के लिए बहुत काम किया है। वो सीनियर और पुराने नेताओं में से एक हैं। हम उनके साथ हैं। संजय सिंह के बयान के बाद मालीवाल के पूर्व पति ने हंगामा खड़ा कर दिया।

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स्वाति मालीवाल ने क्यों साधी चुप्पी?

स्वाति मालीवाल ने इस मामले में अबतक कोई लिखित FIR दर्ज नहीं कराई है। ना ही सामने आकर इसपर कुछ कहा है। पुलिस लगातार मालीवाल के साथ संपर्क में आने की कोशिश कर रही है। ACP स्तर की अधिकारी स्वाति मालीवाल से संपर्क लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं। स्वाति मालीवाल ना तो अपने CWG स्तिथ आवास पर मौजूद थी और न ही चितरंजन पार्क इलाके में अपनी रिश्तेदार के घर पर मौजूद थी।

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24 घंटे से ज्यादा वक्त के बाद भी क्यों चुप हैं स्वाति मालीवाल?

सवाल ये उठता है कि जब फोन कॉल में उन्होंने अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया है, तो क्या वो भी इस मामले के उतने ही दोषी हैं जितने कि उनके निजी सचिव बिभव? सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि एक महिला जो अन्य महिलाओं के लिए आवाज उठाती थी और उनके इंसाफ की लड़ाई लड़ती थी, वो आज अपने लिए ही इंसाफ क्यों नहीं मांग पा रही है? 24 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन अबतक स्वाति की ओर से ना तो कोई एक्शन लिया गया है ना ही शिकायत दर्ज कराई गई है। एक सवाल ये भी उठता है कि क्या स्वाति के ऊपर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा है? आखिर क्यों बेबाकी से बोलने वाली स्वाति अपने ही साथ हुए अन्याय के खिलाफ बोल नहीं रही हैं। क्या इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है?

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दिल्ली सरकार में महिलाओं की सुरक्षा पर लगा प्रश्न चिन्ह?

इन सबसे ऊपर सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में राज्यसभा की सांसद स्वाति मालीवाल के साथ एक मुख्यमंत्री के घर में मारपीट की जा सकती है। तो फिर इस देश की आम लड़कियों और महिलाओं के साथ बंद कमरे में, बीच सड़क पर या दफ्तर में क्या-क्या हो सकता है? सवाल आप की सरकार में महिलाओं की सुरक्षा पर भी उठता है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार के शासन में देश की महिलाएं घरों में या दफ्तरों में सुरक्षित हैं इसका फैसला अब कौन करे?

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समाज को क्या मिल रहा संदेश?

स्वाति मालीवाल ने आखिर पूरे ममाले में क्यों चुप्पी साध रखी है, इसका खुलासा उनके सामने आने पर ही हो सकता है, लेकिन सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो इस घटना से क्या ये मैसेज देने की कोशिश की जा रही है कि अगर हजारों लाखों लड़कियों और महिलाओं को साहस और हिम्मत देने वाली स्वाति मालीवाल अगर किसी पुरुष के नीच मानसिकता का शिकार बन सकती हैं, तो फिर बाकी महिलाओं को इंसाफ की आस छोड़ देनी चाहिए?

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Published May 15th, 2024 at 14:53 IST

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