Delhi Artificial Rain: दिल्ली में क्यों नहीं हुई झमाझम कृत्रिम बारिश? BJP-AAP में खिंची तलवार, दिल्ली सरकार के मंत्री ने क्या कहा

दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का तीसरा ट्रायल भी फेल हो गया है। इसको लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने-सामने है।

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Delhi Cloud Seeding
दिल्ली क्लाउड सीडिंग | Image: ANI/ X

Delhi Cloud Seeding: प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार क्लाउड सीडिंग पर लगभग करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। दिल्ली पर्यावरण विभाग के साथ IIT कानपुर के बीच हुए समझौते के मुताबिक एक क्लाउड सीडिंग ट्रायल पर 64 लाख रुपये का खर्चा आ रहा है।

28 अक्टूबर को 2 ट्रायल हुए और इससे पहले 23 अक्टूबर को एक ट्रायल हुआ था, लेकिन तीनों ट्रायल ही सफल नहीं हो पाए। वहीं एक्सपर्ट की माने तो, क्लाउड सीडिंग तभी सफल होती है जब हवा में नमी 50 प्रतिशत के आस-पास हो। लेकिन तीनों ट्रायल के दौरान नमी सिर्फ 10 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत के बीच थी। इसलिए आज 29 अक्टूबर (बुधवार) को होने वाला ट्रायल रद्द कर दिया गया।

आम आदमी पार्टी ने उड़ाया मजाक

वहीं ट्रायल रद्द होने के चलते दिल्ली में विपक्षी सरकार इसको लेकर मजाक उड़ा रही है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने ट्रायल के बाद कहा कि 4 बजकर 30 मिनट हो चुके हैं लेकिन अभी तक बारिश नहीं आई। उन्होंने कहा, 'बारिश में भी फर्जीवाड़ा, कृत्रिम वर्षा का कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा है। इन्होंने सोचा होगा देवता इंद्र करेंगे वर्षा, सरकार दिखाएगी खर्चा।'

नमी बढ़ेगी तो फिर ट्रायल होगा- दिल्ली पर्यावरण मंत्री 

वहीं क्लाउड सीडिंग ट्रायल पर दिल्ली पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि, IMD के मुताबिक अभी तक भी 10-15% नमी है। कल हमारी इस प्रतिशत में ट्रायल हो गई है। अलगी ट्रायल 20-25% पर होगा। IMD के मुताबिक उम्मीद है कि शाम 4 बजे के बाद नमी बढ़ेगी। इसके बाद फिर से ट्रायल होगा। 

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क्या है क्लाउड सीडिंग?

क्लाउड सीडिंग एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें बादलों में सिल्वर आयोडाइड या नमक जैसे पदार्थों को छिड़ककर बारिश को बढ़ावा दिया जाता है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना और बारिश को बढ़ावा देना है। 

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Published By :
Sujeet Kumar
पब्लिश्ड