'राहुल गांधी बन गए राजू', कांग्रेस के अधिवेशन में नेता का नाम ही भूल गए मल्लिकार्जुन खड़गे, बयान चर्चा में आया
अहमदाबाद में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी और सोनिया गांधी मौजूद थे, लेकिन राहुल गांधी के सामने ही मल्लिकार्जुन खड़गे को उनका नाम याद नहीं आया।
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Mallikarjun Kharge: कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी के अधिवेशन में राहुल गांधी का ही नाम भूल गए। अहमदाबाद में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अधिवेशन आयोजित है, जहां देशभर से पार्टी के वरिष्ठ नेता आए हैं। कार्यक्रम में राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी मौजूद थे, लेकिन कार्यक्रम में राहुल गांधी के सामने ही मल्लिकार्जुन खड़गे को उनका नाम याद नहीं आया। हालांकि कुछ ही क्षण में खड़गे को राहुल गांधी का नाम याद आया और अपनी बात को आगे बढ़ाया।
मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस का कथित संविधान बचाओ कैंपेन पर राहुल गांधी का नाम ले रहे थे। खड़गे ने कहा कि हमको देश की रक्षा करना और संविधान को बचाने का मुहिम जो राजू... राहुल गांधी ने उठाया है, पूरा देश भारत जोड़ो यात्रा में जुड़ गया। हमको सब मिलकर आगे जाना है। खड़गे ने कहा कि डॉक्टर अंबेडकर ने बात कही थी कि यदि राजनीतिक दल अपने पंथ को देश के ऊपर रखेंगे तो देश की स्वतंत्रता फिर खतरे में पड़ जाएगी। हम सभी को इस संभावित घटना का दृढ़ निश्चय के साथ प्रतिकार करना चाहिए।
खड़गे ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि वो एक दिन देश को बेच देंगे। खड़गे ने कहा कि 'देश की अर्थव्यवस्था में एकाधिकार स्थापित हो गया है और सार्वजनिक संपत्ति को निजी भूमि पर सौंपा जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में एकाधिकार स्थापित हो रहा है। सार्वजनिक संपत्ति को निजी भूमि पर सौंपा जा रहा है। ईडब्ल्यूएस के आरक्षण पर प्रहार किया गया है। वो रोजगार देना नहीं चाहते हैं। वो एक-एक करके सार्वजनिक क्षेत्र को बेच रहे हैं और अपने मित्रों की मदद कर रहे हैं। अगर ये काम करता है, तो एक दिन मोदी सरकार और खुद मोदी इस देश को बेच देंगे।'
केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए खड़गे ने कहा कि सरकार हर चीज में दखल दे रही है और हर जगह अपना वर्चस्व स्थापित कर रही है। खड़गे ने कहा, 'आज चुनाव संस्थाएं भी उनके नियंत्रण में हैं और सरकार हर चीज में दखल दे रही है और हर जगह अपना प्रभुत्व स्थापित कर रही है। चुनावों में घोटाले हो रहे हैं।' इसके अलावा, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विकसित देशों ने ईवीएम को छोड़ दिया है और बैलेट पेपर की ओर बढ़ गए हैं।