भगवंत मान के VIRAL VIDEO पर पंजाब में बवाल, अब CM की आई सफाई- मैं नहीं, AAP को बदनाम करने की साजिश; बचाव में उतरे केजरीवाल

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वायरल वीडियो को लेकर श्री अकाल तख़्त साहिब द्वारा उन्हें 'पंथ विरोधी' और 'गुरु विरोधी' घोषित किए जाने के आरोपों को खारिज किया है। सीएम का कहना है कि यह फुटेज फर्जी है और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

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CM Bhagwant Mann Punjab
CM Bhagwant Mann Punjab | Image: X- @BhagwantMann

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तकत साहिब द्वारा उन्हें "पंथ विरोधी" और "गुरु विरोधी" घोषित किए जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। सीएम ने उस समय प्रतिक्रिया दी है, जब एक विवादास्पद वायरल वीडियो के बाद आई है, जिसमें कथित तौर पर उन्हें सिख धार्मिक हस्तियों का अपमान करते हुए दिखाया गया है।

आरोपों को खारिज करते हुए, मान ने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं है और उन्होंने इस विवाद को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले उनकी और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों की छवि को नुकसान पहुंचाने का जानबूझकर किया गया प्रयास बताया।

फैसले के बाद अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में सीएम ने कहा, "वीडियो में मैं नहीं हूं।" उन्होंने आगे दावा किया कि अगले चुनाव से पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को निशाना बनाने का एक नया तरीका सामने लाया गया है।

अकाल तख़्त हमारे लिए सर्वोपरि है-सीएम मान

साथ ही, मान ने विवाद के धार्मिक पहलू पर सतर्कता पूर्ण रुख अपनाया। फुटेज की सच्चाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख़्त साहिब सिखों के लिए सर्वोच्च लौकिक सत्ता है और कहा, "अकाल तख़्त हमारे लिए सर्वोपरि है।"  शुरुआत में विवाद तब और बढ़ गया जब पंज सिंह साहिब ने सिख संस्थानों और पंथिक संगठनों से परामर्श करने के बाद मान को "पंथ विरोधी" और "गुरु विरोधी" घोषित कर दिया।

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यह फैसला अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं ने वायरल वीडियो की जांच की है। जत्थेदार के अनुसार, दोनों रिपोर्टों में यह निष्कर्ष निकला कि फुटेज में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के संकेत नहीं थे और इसे उपकरण का उपयोग करके नहीं बनाया गया था।

वीडियो में क्या है?

विवाद के केंद्र में मौजूद फुटेज में कथित तौर पर भगवंत मान नाम का एक व्यक्ति शराब के नशे में सिख गुरुओं की तस्वीरों पर तरल पदार्थ छिड़कता हुआ दिखाई दे रहा है। इस फुटेज ने सिख समुदाय के कुछ वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया आई, जहां गुरु साहिबों के प्रति श्रद्धा को पवित्र माना जाता है।
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा महीनों पहले तब सामने आया था जब वीडियो पहली बार वायरल हुआ था और उन्होंने तर्क दिया कि फुटेज में दिखाए गए कथित कृत्य सिख धार्मिक भावनाओं का गंभीर अपमान हैं।

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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी अकाल तख्त के फैसले का समर्थन किया। मान के आचरण पर सवाल उठाते हुए चन्नी ने आरोप लगाया कि धार्मिक संस्थानों ने पंजाब सरकार के समक्ष बार-बार चिंताएं उठाईं, लेकिन उनकी अनदेखी की गई।

इस घटनाक्रम ने मान को राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्थिति में डाल दिया है। एक वायरल वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े टकराव में तब्दील हो गया है, जिसमें पंजाब की सबसे प्रभावशाली सिख धार्मिक संस्था, विपक्षी दल और राज्य की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी शामिल हैं।

बचाव में उतरे केजरीवाल

पंजाब में सियासी घमासान के बीच आप पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सीएम मान का बचाव करते हुए कहा 'भगवंत मान के अच्छे कामों से बौखला कर विरोधी उनको झूठ बोलकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।' 

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Published By:
 Sahitya Maurya
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