चिराग पासवान बोले- ये सरकार गरीब कल्याण को लेकर समर्पित, 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर निकले

चिराग पासवान ने बताया कि सरकार की उपलब्धियां और आने वाले सालों में सरकार किस सोच के साथ आगे बढ़ी है इसको राष्ट्रपति ने प्रमुखता से रखा।

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चिराग पासवान | Image: ANI

Chirag Paswan News:  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को (27 जून) संबोधित किया, इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आपातकाल का जिक्र किया। जिसके बाद विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह सरकार गरीब कल्याण को लेकर समर्पित है।

चिराग पासवान ने बताया कि सरकार की उपलब्धियां और आने वाले सालों में सरकार किस सोच के साथ आगे बढ़ी है इसको राष्ट्रपति ने प्रमुखता से रखा। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली नवनिर्वाचित सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।

चिराग ने सरकार को बताया गरीब कल्याण समर्पित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संसद के दोनों सदनों के संबोधन पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, 'सरकार की उपलब्धियों और आने वाले सालों में सरकार किस सोच के साथ आगे बढ़े उसको प्रमुखता से उन्होंने रखा। ये सरकार गरीब कल्याण को लेकर समर्पित है। जिसका परिणाम है कि 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।'

संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति का संबोधन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद की संयुक्त बैठक में मुर्मू का यह पहला संबोधन था। उन्होंने कहा कि मैं 18वीं लोक सभा के सभी नव निर्वाचित सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। आप सभी यहां देश के मतदाताओं का विश्वास जीतकर आए हैं। देशसेवा और जनसेवा का ये सौभाग्य बहुत कम लोगों को मिलता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपना दायित्व निभाएंगे।140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम बनेंगे।

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इमरजेंसी पर राष्ट्रपति करारा हमला

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने इमरजेंसी पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में भारत एक गणतंत्र के रूप में 75 साल पूरे करने जा रहा है। भारतीय संविधान ने बीते दशकों में हर चुनौती और कसौटी पर खरा उतरा है। देश में संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर कई हमले हुए हैं। 25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल संविधान पर सीधा हमला था। जब इसे लगाया गया तो पूरे देश में हाहाकार मच गया था, लेकिन देश ने ऐसी असंवैधानिक ताकतों पर विजय प्राप्त की है। मेरी सरकार भी भारतीय संविधान को सिर्फ शासन का माध्यम नहीं बना सकती। हम अपने संविधान को जन चेतना का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के साथ मेरी सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड