'उचित समय पर लिया गया उचित फैसला', जातिगत जनगणना पर बोले चिराग पासवान; क्रेडिट लेने पर राहुल गांधी को भी घेरा
चिराग ने यह भी कहा कि विपक्ष इसको लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है कि चुनाव के दृष्टिकोण से यह फैसला लिया गया है।
- भारत
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Chirag Paswan on Caste Census: केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना कराने के ऐलान के बाद क्रेडिट लेने की होड़ शुरू हो गई है। जहां विपक्ष के कई नेता दावा कर रहे हैं कि सरकार ने यह कदम उनकी पार्टी की मांग पर उठाया है। वहीं बिहार चुनाव से पहले लिए गए इस फैसले पर भी कुछ नेताओं ने सवाल उठाए। इस बीच केंद्र के इस निर्णय पर चिराग पासवान की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
चिराग ने इसे पीएम मोदी का उचित समय पर लिया गया उचित फैसला बताया है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया।
'दशकों तक होती रही इस पर राजनीति'
चिराग पासवान ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि दशकों से इस पर राजनीति होती रही है। तमाम दलों ने इसे समय-समय पर राजनीतिक हथियार बनाने का प्रयास किया। हम सबने देखा जब जब चुनाव आते हैं तो जाति आधारित जनगणना को विपक्षी दलों ने सिर्फ एक मुद्दा बनाकर मजबूती से उठाने का काम किया। खासतौर पर कांग्रेस, RJD और सपा ने हमेशा इस पर बोलने का तो काम किया, लेकिन इसको चरितार्थ करने के लिए कभी कोई प्रयास नहीं किया।
उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि साल 1931 में आखिरी बार जातिगत जनगणना हुई थी। लगभग 100 साल होने को आए। आजादी के बाद अधिकांश समय तक केंद्र की सत्ता में कौन लोग थे? कांग्रेस की सरकार थी। अलग-अलग राज्यों में इनके अपने मुख्यमंत्री थे। अगर ये ईमानदारी से चाहते तो ये करवा देते, लेकिन इन्होंने कभी ऐसा नहीं किया।
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'आपके परिवार से 3 प्रधानमंत्री बने, तब क्यों नहीं कराई?'
चिराग पासवान ने क्रेडिट लेने की होड़ को लेकर राहुल गांधी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि आज राहुल इस बात का श्रेय लेने की होड़ में लगे हैं कि ये मेरे कहने पर हुआ, मेरे दबाव में हुआ। आपकी सरकार ही लंबे समय तक केंद्र में थी। आपके परिवार के ही तीन-तीन प्रधानमंत्री देश में थे। आप इतनी ही शिद्दत से चाहते थे कि तो करवा लेते। आपने इसे केवल चुनाव के समय एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने और लोगों को भड़काने का काम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि जिसको श्रेय लेना है वो ले। मैं, मेरा गठबंधन, मेरे गठबंधन का कोई भी दल इस होड़ में नहीं है। चिराग ने इस दौरान तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि जिनको पटाखे जलाने है, होली-दीवाली मनानी है उनको मुबारक। हम इस बात को भुनाने में नहीं लगे।
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'अगर चुनाव के दृष्टिकोण से लेते फैसला तो...'
चिराग ने यह भी कहा कि विपक्ष इसको लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है कि चुनाव के दृष्टिकोण से यह फैसला लिया गया है। एक राज्य बिहार में चुनाव के लिए आप राष्ट्रीय स्तर पर जाति आधारित जनगणना का फैसला ले लेंगे। ये फैसला चुनावी दृष्टि से लेना ही होता तो लोकसभा चुनाव से पहले ये फैसला लिया गया होता।