BREAKING: अवैध धरना प्रशांत किशोर को पड़ा महंगा, पुलिस ने किया गिरफ्तार, जल्द कोर्ट में होगी पेशी

पटना पुलिस ने 6 जनवरी की सुबह जनसुराज पार्टी के सूत्रधार पीके को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आज ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

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Prashant Kishor, Jan Suraj Party
Prashant Kishor, Jan Suraj Party | Image: PTI

Prashant Kishor Arrested: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर लगभग पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पटना पुलिस ने 6 जनवरी की सुबह जनसुराज पार्टी के सूत्रधार पीके को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आज ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

दरअसल, पटना पुलिस बार-बार गांधी मैदान खाली करने की अपील कर रही थी। इसके बाद भी उनका अनशन जारी रहा। आखिरकार आज सुबह-सुबह भारी संख्या में पुलिस बल गांधी मैदान पहुंची और प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों को जबरन पटना एम्स ले गई। जानकारी के अनुसार, एम्स पटना के पास बढ़ते बवाल के बीच पुलिस प्रशांत किशोर को लेकर एम्स से बाहर निकल गई। वहीं एक दिन पहले ही डॉक्टर ने पीके के स्वास्थ्य की जांच की थी। उनके हेल्थ पर अपडेट देते हुए डॉक्टर ने बताया था कि किशोर का स्वास्थ्य ठीक है।

आज कोर्ट में पीके की पेशी संभव

वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशांत किशोर को 10 बजे के बाद कोर्ट में पेश किया जा सकता है। फिलहाल वह कहां है इस बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं है। इसके अलावा बताया जा रहा है कि किसी को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं है।

किशोर की गिरफ्तारी के विरोध में हंगामा

दूसरी ओर पीके की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। किशोर के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और जमकर हंगामा रहे हैं। जन सुराज पार्टी के एक्स हैंडल से ट्वीट कर आरोप लगाया गया है कि 'पुलिस प्रशासन ने प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से एम्स ले जाकर अनशन तुड़वाने का प्रयास किया। अनशन तुड़वाने में विफल होने पर प्रशासन, प्रशांत किशोर को नए जगह पर ले जाने की कोशिश कर रही है। एम्स के बाहर प्रशांत किशोर को देखने उमड़ी भीड़ पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया।'

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि प्रशांत किशोर 2 जनवरी की शाम से पटना के गांधी मैदान में बापू की प्रतिमा के पास आमरण अनशन पर बैठे हैं। वह बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर अनशन पर हैं। हालांकि उनके इस अनशन को जिला प्रशासन ने गैरकानूनी बताया है।

जान लें कि बीपीएससी ने 13 दिसंबर की परीक्षा में शामिल हुए कुछ चुनिंदा समूह के लिए फिर से परीक्षा देने का आदेश दिया था। शनिवार को यहां 22 केंद्रों पर पुन:परीक्षा आयोजित की गई। पटना में 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा हुई। कुल 12,012 अभ्यर्थियों में से लगभग 8,111 ने अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिए थे। हालांकि, शनिवार को री-एग्जाम में 5,943 छात्र शामिल हुए। बीपीएससी ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि री-एग्जाम सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से हुई और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड