'राहुल गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को गलत तरीके से छुआ, उन्होंने और कांग्रेस ने इस पर अबतक कोई जवाब क्यों नहीं दिया...', बीजेपी ने उठाए सवाल

बीजेपी नेता नेता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा "हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी एक ऐसे नेता प्रतिपक्ष हैं जो कि अराजक हैं। सर्वोच्च न्यायालय, न्याय का मंदिर है और यहां भीड़तंत्र नहीं चलेगा।

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बीजेपी नेता नेता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर तीखा हमला | Image: ANI

भारत चुनव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष पर बीजेपी ने जोरदार हमला करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी के नेता गौरव भाटिया ने कॉंग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान महिला पुलिसकर्मी को गलत तरीके से छूने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा "हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी एक ऐसे नेता प्रतिपक्ष हैं जो कि अराजक हैं। संविधान को पढ़िए और प्रदर्शन करना आपका मौलिक अधिकार है लेकिन क्या प्रदर्शन का अधिकार अपनी सीमाएं पार करके किसी भी स्थान पर करना है? सर्वोच्च न्यायालय न्याय का मंदिर है और यहां भीड़तंत्र नहीं चलेगा।"

राहुल गांधी प्रतिपक्ष नेता के रूप में अराजक-गौरव भाटिया

गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा "राहुल गांधी भारत के लोकतंत्र में अराजकता की मिसाल बन गए हैं। तथ्य यही बताते हैं, और आज सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई हुई। हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता (LoP) हैं। एक ऐसी स्थिति जिसे कई भारतीय देश के लिए दुर्भाग्य मानते हैं।

एक ऐसा व्यक्ति जो अराजक, अपरिपक्व, गैर-जिम्मेदार है और जिसे संविधान की कोई समझ नहीं है, वह इतने महत्वपूर्ण पद पर बैठा है। कांग्रेस पार्टी दोहरे मापदंड अपनाती है; राहुल गांधी और उनकी पार्टी अराजकता को बढ़ावा देती है और संविधान को तार-तार कर देती है।

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वर्दी पहने हमारी बहनों को गलत…

आगे उन्होंने कहा 'वर्दी पहने हमारी बहनों को गलत तरीके से छूने के लिए कौन जिम्मेदार है?, विरोध करना एक मौलिक अधिकार है। लेकिन, क्या यह अधिकार किसी को अपनी सीमाएं लांघने, संवैधानिक दायरे से बाहर जाने और कहीं भी, चाहे वह सार्वजनिक जगह हो, सड़क हो, या सुप्रीम कोर्ट का परिसर ही क्यों न हो, वहां गुंडागर्दी करने या नारेबाजी करने की छूट देता है? 

ऐसी गतिविधियों के लिए तय जगहें होती हैं। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए; यह कानूनी होना चाहिए, पहले से अनुमति लेकर किया जाना चाहिए, और तय की गई जगह पर ही होना चाहिए। यही देश का कानून है।"

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Published By:
 Sahitya Maurya
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