'दलितों से चप्पल उठवाती है कांग्रेस...', बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों पर किया बेहद आक्रामक पलटवार, पार्टी के इतिहास को बताया दलित विरोधी
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों पर बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी खुद हमेशा से दलित विरोधी रही है।
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BJP Counterback to Rahul Gandhi: भाजपा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दलित विरोधी वाले आरोपों पर बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और गुरु प्रकाश पासवान ने कांग्रेस पार्टी के इतिहास, उसकी नीतियों और उसके शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली पर करारा हमला बोला। उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद हमेशा से दलित विरोधी रही है।
शनिवार को आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कांग्रेस को घेरा। साथ ही दलित समाज के प्रति कांग्रेस की मंशा पर ही गंभीर सवाल उठा दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दलितों का इस्तेमाल केवल एक वोट बैंक की तरह किया है।
सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर पलटवार
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'मैं कांग्रेस पार्टी से ये पूछना चाहता हूं कि आपको यदि वास्तिवकता में दलित समाज के प्रति इतनी पीड़ा है तो 18 जुलाई 2019 को भिवाड़ी में हरिश जाटव के ऊपर कातिलाना हमला हुआ, 15 अगस्त को आत्महत्या कर ली। किसकी सरकार थी? कांग्रेस की सरकार थी। 15 सितंबर 2021 को अलवर में योगेश जाटव पर भीड़ ने हमला किया और 18 सितंबर को अस्पताल में उसकी मृत्यु हुई। 1 जुलाई 2021 को झालावाड़ में कृष्णा वालमीकि की सड़क पर पिटाई हुई और 6 जुलाई को अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। क्यों? आपकी सरकार थी। एक तराजू पर तोला जाता है कि दलित की जान की कीमत या हमारे पक्के वोट बैंक की कीमत। जब वो पक्का वोट बैंक गिरता है तो दलित का मान-सम्मान और उसकी जान, तीनों बहुत हल्का लगने लगता है।
अखंड श्रीनिवास मूर्ति का जिक्र कर किया प्रहार
उन्होंने आगे कहा, 'कर्नाटक में कांग्रेस के अनुसूचित जाति से आने वाले विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर PFI वालों ने हमला किया। कार्रवाई तो दूर की बात, इन लोगों ने अपनी पार्टी के नेता का साथ तक नहीं दिया। उन्हें कोर्ट में भी अकेले लड़ाई लड़नी पड़ी और बाद में निराश होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी। ये है इनकी हकीकत। मुझे लगता है कि ये वो सत्य और तथ्य हैं, जो पूरी तरह से स्पष्ट कर देते हैं कि किसके मन में क्या भाव है।'
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'राहुल गांधी को 20 दिन बाद FIR की याद आई?'
वहीं भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, 'राहुल गांधी ने पहले कहा कि ये हुआ है। 20 दिन बाद उन्हें इसकी याद आई, तब उन्होंने FIR नहीं करवाया और आज वे ऐसी बात कर रहे हैं। आज हम आपको स्पष्ट बताना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी का चेहरा दलित विरोधी चेहरा है। कांग्रेस पार्टी का इतिहास उठाकर देखिए आपको पता चल जाएगा। आज वे मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान की बात कर रहे हैं? जब वायनाड से प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव लड़ने जा रही थीं। चुनाव लड़ने से पूर्व नामांकन की प्रक्रिया में पार्टी के सभी वरिष्ठ लोग जाते हैं लेकिन कौन-कौन गया? सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, उनके पति और उनके बच्चे, लेकिन बाहर कौन खड़ा रहा? दरवाजे के बाहर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े होकर झांक रहे हैं। तो क्या दलितों का स्थान अंदर नहीं बाहर है? मैं राहुल गांझी से पूछना चाहता हूं।'
पूर्व सीएम ने राहुल गांधी की चप्पल उठाई- गुरु प्रकाश
उन्होंने घेरते हुए कहा, 'राहुल गांधी के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इतिहास गवाह है। पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की चप्पल उठाई थी। तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं। हम कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि दलित सम्मान की बात आपको केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए याद आती है?'
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राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाषण वाली जगह पर शुद्धिकरण किया गया था। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश और संविधान को समर्पित कर दिया है, वे हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने जाते हैं और वहां शुद्धिकरण की रस्म की जाती है। ऐसा कौन करता है? ये BJP और RSS के लोग हैं। सिर्फ BJP और RSS के सदस्य ही ऐसा करते हैं। यह काम SC/ST एक्ट का उल्लंघन है। 'शुद्धिकरण' असल में छुआछूत का ही दूसरा नाम है और इसलिए संविधान में इसे गैरकानूनी घोषित किया गया है। फिर भी BJP के सदस्य खुलेआम इसे मानते हैं। जब वे यह शुद्धिकरण करते हैं, तो वे असल में यह कह रहे होते हैं कि दलितों को छूना नहीं चाहिए, दलित अशुद्ध हैं और भारतीय संविधान के तहत यह एक अपराध है।' उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि उत्तराखंड में जिन लोगों ने यह शुद्धिकरण की रस्म निभाई, उनके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री का दावा है कि वे हर जाति से ताल्लुक रखते हैं और पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं। फिर भी, उनकी पार्टी के प्रमुख कहते हैं कि शुद्धिकरण सही था। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री तुरंत इन लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दें। राज्य सरकार और केंद्र सरकार, दोनों की यह जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि खड़गे जी को उत्तराखंड में न्याय मिले।'
राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि जब किसी के मंदिर जाने के बाद शुद्धिकरण किया जाता है तो इसका मतलब है कि उस व्यक्ति को अछूत या अशुद्ध माना जाता है।