'भगवंत मान को केजरीवाल से हुआ खतरा', हरियाणा के CM नायब सैनी के दावे में कितना दम, क्या वाकई बदल गई पंजाब में हवा?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भले अपने राज्य के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, लेकिन उनकी नजर पंजाब की सियासत पर टिकी है, जो उनके बयानों से स्पष्ट था।
- भारत
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दिल्ली की हार के बाद पंजाब में सियासत की हवा बदली है। ऐसा इसलिए कि दिल्ली की राजनीति ने पंजाब को अपना अगला ठिकाना बनाया है। सरल शब्दों में कहें तो दिल्ली में 2013 के बाद से लगातार शासन करने वाली आम आदमी पार्टी को इस बार हार मिली है तो AAP के बड़े लीडर्स पंजाब की तरफ मूव कर चुके हैं, जहां भगवंत मान के नेतृत्व में उनकी सरकार है। इससे तमाम तरह की अटकलें रही हैं और इसको दूसरे दल यानी पंजाब में विपक्ष की भूमिका वाली बीजेपी भी समझ रही है कि पंजाब अब दिल्ली मॉडल पर बढ़ रहा है। खैर, पंजाब के चुनावों में देर के चलते ज्यादा शोर शराबा तो नहीं है, मगर समय समय पर बीजेपी और अन्य दल के नेता भगवंत मान को कहीं ना कहीं चेताते रहे हैं। इसी तरह हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बयान दिया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भले अपने राज्य के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, लेकिन उनकी नजर पंजाब की सियासत पर भी टिकी है, जो उनके बयानों से स्पष्ट है। नायब सिंह सैनी कहते हैं कि भगवंत मान को खुद अरविंद केजरीवाल से खतरा हो रहा है। नायब सिंह सैनी का बयान इसलिए मायने रखता है कि अरविंद केजरीवाल के बाद पूरी आम आदमी पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया की भी पंजाब में हाल ही में प्रभारी के तौर पर एंट्री हुई और सह-प्रभारी सत्येंद्र जैन बनाए गए, जिनके इर्द-गिर्द दिल्ली में पार्टी की सरकार चली।
CM नायब सैनी के दावे में क्या वाकई दम है?
दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि इन दिनों पंजाब की सियासत में अरविंद केजरीवाल की पीछे के दरवाजे से सीधी एंट्री है। इसमें मनीष सिसोदिया उनके पीछे खड़े हैं तो सत्येंद्र जैन भी लाइन में नजर आते हैं। दिल्ली चुनाव नतीजों के बाद, जिसमें आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर होना पड़ा, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे AAP के टॉप लीडर्स को शिकस्त मिली, यहीं नेता पंजाब में लगातार घूम रहे हैं। कुछ तस्वीरें यहां तक सामने आईं कि भगवंत मान से ज्यादा केजरीवाल को पंजाब में अधिकारी और दूसरे मंत्री तवज्जो दे रहे थे। लंबे काफिलों के बीच में केजरीवाल पंजाब में घूमते नजर आए।
उसके अलावा लुधियाना पश्चिमी सीट के विधानसभा उपचुनाव में संजीव अरोड़ा को AAP ने टिकट दिया, जिससे अटकलें ये लगने लगीं कि केजरीवाल पंजाब के जरिए संसद यानी राज्यसभा के लिए रास्ता बना रहे हैं। क्योंकि संजीव अरोड़ा राज्यसभा सांसद है और उनको विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया जाना अपने आप में काफी कुछ संकेत देता है। उसके पहले चर्चाएं रहीं कि केजरीवाल पंजाब की सियासत में ना सिर्फ दखल दे रहे हैं बल्कि सरकार में एंट्री यानी मुख्यमंत्री बन सकते हैं। खैर, अभी ऐसा नहीं हुआ है और सिर्फ अटकलें रही हैं। हालांकि इन तमाम घटनाक्रमों से इतना स्पष्ट है कि पंजाब में भगवंत मान के लिए खतरा कहीं ना कहीं दिखाई पड़ता है।