'जिनके दिल में काबा, वे बाबा के साथ बैठकर चाय पी रहे...', ममता बनर्जी और अखिलेश यादव का नाम लेकर ओवैसी ने क्यों निकाला गुस्सा?
AIMIM प्रमुख ओवैसी ने टीएमसी में बड़े पैमाने पर बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव बताएं, जब ममता बनर्जी के 20 सांसद चले गए तो क्यों गए? इस पर कोई कुछ क्यों नहीं बोलता?
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Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने टीएमसी संकट पर ममता बनर्जी और अखिलेश यादव दोनों को घेरा है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन को बीजेपी की बी टीम बताने वाले लोग इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उन्होंने बिना नाम लिए सयानी घोष को लेकर कहा कि दिल में मदीना, आंख में काबा गाने वाले लोग बीजेपी के साथ चाय पी रहे हैं।
ऑल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष ओवैसी ने बहराइच में अपने भाषण में कहा, 'अखिलेश यादव दीदी की मदद करने के लिए बंगाल गए थे। वहां तो लोग लाइन लगाकर बीजेपी में शामिल होने के लिए खड़े हैं। क्या मैंने कहा था कि बीजेपी में जाओ? बेशर्मी की हद होती है। कल तक जो कहते थे कि दिल में मदीना, आंख में काबा, वे बाबा के साथ चाय पी रहे हैं। बंगाल में बाबा ने बोला था कि बंगाल को काबा नहीं बनने देंगे।'
हम मर जाएंगे, ईमान का सौदा नहीं करेंगे- ओवैसी
उन्होंने आगे कहा, 'गाली ओवैसी को दी जाती थी। मैं जानता था ये बीजेपी और आरएसएस की कठपुतलियां हैं। एक हवा के झोंके में तमाम नेताओं से सिर झुका दिया और बीजेपी में चले गए। तुमने हमारे विधायक को तोड़ा, इसके बावजूद हम बिहार में दोबारा जीतकर आए। मैं यूपी की जनता से अपील कर रहा हूं। बहराइच और मटेरा की जनता से अपील करता हूं कि आप AIMIM का साथ दें। हम मर जाना पसंद करेंगे, लेकिन अपने ईमान और आपकी मोहब्बत का सौदा नहीं करेंगे।'
TMC में बागियों का जिक्र कर पूछे तीखे सवाल
AIMIM प्रमुख ने टीएमसी में बड़े पैमाने पर बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव बताएं, जब ममता बनर्जी के 20 सांसद चले गए तो क्यों गए? इस पर कोई कुछ क्यों नहीं बोलता? उन्होंने कहा कि ओवैसी आपके हक के लिए, आपकी सियासी लीडरशिप के लिए आ रहा है, तो इन सभी को डर लगता है। डरना पड़ेगा अब, क्योंकि नौजवान अब जाग चुका है। नौजवानों ने ठान लिया है कि अब की बार उत्तर प्रदेश में इनके देहात से इनकी लीडरशिप पैदा होगी। इन नौजवानों ने ठान ली है कि अबकी बार उत्तर प्रदेश में इनके इत्तेहाद का इंकलाब बरपा होगा। इनके इत्तेहाद से इनकी लीडरशिप पैदा होगी। इनकी मेहनत से आपके नुमाइंदे उत्तर प्रदेश की विधानसभा में जाएंगे। उन्होंने जनता से कहा कि समाजवादी पार्टी के जो लोग पिछले 20-25 साल से यहां पर हैं, यासर शाह और उनकी फैमिली को आपने बड़ी वफादारी के वोट दिया है। बताइए उन्होंने बहराइच और मटेरा में क्या काम किया, कुछ काम नहीं किया। जनता ने वफादारी से वोट दिया, लेकिन इन्होंने कहीं पर भी एक अस्पताल नहीं बनाया।
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गठबंधन को लेकर क्या बोले ओवैसी?
असदुद्दीन ओवैसी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए 2027 चुनाव में गठबंधन को लेकर बिना किसी का नाम लिए कहा कि अगर कोई बीजेपी को रोकने की कोशिश करता है तो मैं उनके साथ जुड़ने के लिए तैयार हूं। बशर्ते गठबंधन में हमें सम्मान और बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए।
बागी सांसदों ने NCPI में विलय का किया ऐलान
बता दें कि रविवार, 14 जून को TMC से बागी हुए 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए बंगाल की क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय करने का ऐलान कर दिया। बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष ने स्पीकर ओम बिरला संग मुलाकात के बाद कहा कि हम 20 सासंद नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में मर्ज कर रहे हैं।
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TMC के बागी सांसदों ने NCPI में विलय का किया ऐलान
इससे पहले रविवार, 14 जून को TMC से बागी हुए 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए बंगाल की क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय करने का ऐलान कर दिया। बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष ने स्पीकर ओम बिरला संग मुलाकात के बाद कहा कि हम 20 सासंद नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में मर्ज कर रहे हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट ने यह कदम भविष्य में कानूनी अड़चन से बचने के लिए उठाया है।
यूपी में विधानसभा चुनाव कब?
बता दें कि यूपी में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन सूबे में समय से पहले चुनाव कराए जा सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है।
जान लें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 14 मई 2027 तक है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, विधानसभा कार्यकाल समाप्त होने के 6 महीने पहले कभी भी चुनाव कराए जा सकते हैं।