आतिशी-सिसोदिया संग राजघाट पहुंचे केजरीवाल, जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ शुरू किया 'सत्याग्रह', कहा- हमें न्याय प्रणाली पर भरोसा, लेकिन...
अरविंद केजरीवाल आज मनीष सिसोदिया समेत अन्य नेताओं के साथ राजघाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सत्याग्रह के लिए बापू का आशीर्वाद लिया।
- भारत
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Arvind Kejriwal: आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने उनका बहिष्कार करते हुए 'सत्याग्रह' का ऐलान किया। इसी क्रम में दोनों नेता, पूर्व सीएम आतिशी और अन्य नेताओं के साथ राजघाट पहुंचे।
अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम अपने देश की न्याय प्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं, क्योंकि इसी ने हमें बेल दिलाई और आरोप मु्क्त किया। आज हम जो आजाद घूम रहे हैं तो उसका कारण केवल हमारी न्याय प्रणाली है।'
जस्टिस के खिलाफ 'सत्याग्रह' को लेकर बोले केजरीवाल
उन्होंने आगे कहा कि कुछ ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जिस कारण हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। हमने सभी बाते उस चिट्ठी में लिखी हैं जो कि हमने जज साहिबा को भेजी है। यह बेहद संवेदनशील मामला है।
जस्टिस स्वर्णकांता को लिखी चिट्ठी में क्या?
इससे पहले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता को पत्र लिखा था जिसमें कहा गया कि जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में वह खुद या उनके वकील पेश नहीं होंगे। उन्होंने इसे सत्याग्रह का नाम दिया।
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क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला दिल्ली आबकारी नीति मामला 2021-22 से जुड़ा है। आरोप है कि दिल्ली सरकार की शराब नीति से जुड़ी कथित गड़बड़ियां हुईं और कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया गया। इस मामले की जांच ईडी और सीबीआई कर रही है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (निचली अदालत) पहले ही सबूतों के अभाव में सभी अभियुक्तों को आरोपों से मुक्त कर चुकी है। लेकिन सीबीआई ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। फिलहाल मामला दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है।