'राणा को अपमानित करके, लज्जा भी तुझे नहीं आती...', राणा सांगा विवाद में अनुराग ठाकुर ने कविता पढ़कर रामजी लाल पर किया पलटवार

Rana Sanga Controversy: अनुराग ठाकुर ने हिंदू नववर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में राणा सांगा विवाद को लेकर सपा सांसद रामजीलाल सुमन पर निशाना साधा है।

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Anurag Thakur
Anurag Thakur | Image: X- @ianuragthakur

Rana Sanga Controversy: बीजेपी सासंद अनुराग ठाकुर ने देहरादून के हिमालयन कल्चरल सेंटर में हिंदू नववर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में राणा सांगा विवाद को लेकर सपा सांसद रामजीलाल सुमन पर निशाना साधा है।

हमीरपुर के सांसद ने कहा कि साथी आप गौर करें जिन्होंने कभी अपने पिता को, अपने पुरखों को सम्मान नहीं दिया, उन्हें बेदखल किया हो आज ऐसे सेकुलर और औरंगजेब के सम्मान देने वाले आज मैदान में कूद पड़े हैं। आक्रांताओं के सम्मान में देश के सेकुलर मैदान में  आ गए है और ऐसी होड़ लगी हुई है। आजकल कुछ लोग एक आक्रांता जिसने देश के बहुसंख्यकों पर अनगिनत अत्याचार किए, पिछले कुछ सालों में उनके नाम पर देश की सड़कों के नाम रखे गए और तो और औरंगजेब की कब्र को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिया गया और आपके टैक्स पेयर्स के पैसे से औरंगजेब की कब्र पर 24 घंटे अगरबत्तियां जलाने का काम किया गया।

राणा सांगा केवल राजस्थान के ही नहीं पूरे भारत के शिरोमणि - अनुराग ठाकुर 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि दूसरी ओर जब यह देश राणा सांगा और उनके शौर्य पर बात करता है, तो उनके (विरोधियों) सीने में शूल सा चुभ जाता है। राणा सांगा केवल राजस्थान के ही नहीं पूरे भारत के शिरोमणि रहे, जिनके शरीर पर 80 घाव थे, आंख से लेकर हाथ तक सब चला गया था, 80 घाव होने के बाद भी वह देश के लिए लड़ते रहे और मिट गए, ऐसे कुल शिरोमणि राणा सांगा हैं।

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इसके बाद अनुराग ठाकुर ने कविता के जरिए विरोधियों पर तीखा हमला बोला।

"नाम राम रखा है पर, मर्यादा तुझे नहीं भाती, 
राणा को अपमानित करके, लज्जा भी तुझे नहीं आती,
मान रहे बाबर को अब्बू , निष्टा को नित रखने वाले,
दो पैसे में बिकते फिरते, त्याग, झूठ बतलाने वाले,
एक हाथ नहीं, एक आंख नहीं, 84 घाव लगे तन में,
लेकिन क्षत्रिय राणा सांगा, फिर भी डटे रहे थे रण में,
मातृभूमि के रक्षक बनकर, हम ही युद्ध किया करते हैं,
परमवीर कहलाते क्षत्रिय, सबको अभय दिया करते हैं,
राणा के जैसे बलिदानी, राष्ट्र धरोहर बन जाते हैं,
तेरे जैसे नीचे निकम्मे, बस जल भूनकर ही मर जाते हैं,
हम राणा सांगा के वंशज, गद्दारों की औलाद नहीं,
लेकिन तेरा खून जिहादी, इसमें अब तनिक विवाद नहीं।"

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Published By:
 Deepak Gupta
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