'वक्फ बोर्ड में संशोधन पूरी तरह संवैधानिक और मानवीय, ये 99 प्रतिशत मुसलमानों के हित में; 1% जरूर....'- मनोज तिवारी
Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर बीजेपी सांसद मनोजस तिवारी ने कहा कि वक्फ का संशोधन पूरी तरह संवैधानिक और मानवीय है। 99 % मुस्लमानों के हित में है।
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Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने कहा कि वक्फ का संशोधन पूरी तरह संवैधानिक और मानवीय है। ये 99 प्रतिशत मुस्लमानों के हित में हैं, हां एक परसेंट जरूर परेशान होंगे। जो लोग वक्फ की जमीनों पर कब्जा करना चाहते हैं, उसकी कमाई को लूट रहे हैं, उनके लिए तो ये समस्या की बात है। विरोध करने वाले लोग वो ही हैं, जो वक्फ की संपत्ति को निजी तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं या गलत कागज बनाकर वक्फ की संपत्ति को बेच दिया है।
मनोज तिवारी ने कहा कि जो मुस्लमानों के हकों पर डकैती डाल रहे थे, उसको रोकने का काम ये बिल करेगा। 40 लाख एकड़ जमीन वक्फ के पास है, उससे केवल 163 करोड़ सालाना इनकम होगी ? वक्फ बोर्ड कैसे चले, कैसे न्याय करे, जो दान आया वो सही है या नहीं। ऐसा नहीं है कि मनोज तिवारी किसी ओर की संपत्ति को लेकर दान कर दे, दान तो वो ही होगा ना, जो हमारा होगा।
संविधान सभी के लिए न्याय करने के लिए बराबर - मनोज तिवारी
बीजेपी नेता ने कहा कि वक्फ कहेगा कि संसद और राष्ट्रपति भवन वक्फ बोर्ड का है, किसने दे दिया और कैसे दे दिया आपको? क्या सरकार की जमीन किसकी को दान कर दोगे ? वक्फ बोर्ड के खिलाफ 11 हजार मुस्लिम परिवारों की शिकायतें हैं। सोनिया, राहुल, कांग्रेस, सपा, इन लोगों को समझ नहीं आ रहा है,आपको कोई भी संपत्ति वक्फ की बताने से पहले उसका प्रमाण देना चाहिए। हमें कोर्ट पर भरोसा है, बाबा साहब का संविधान सभी के लिए न्याय करने के लिए बराबर है।
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संसद में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल
वक्फ संशोधन बिल 2025 संसद में पास हो गया है। 17 घंटे से ज्यादा चली चर्चा के बाद दोनों सदनों में बिल पास हो गया। सबसे पहले लोकसभा में ये बिल पेश किया गया, जिस पर सभी पार्टियों के नेताओं ने अपनी-अपनी बात रखी और देर रात करीब 2.30 बजे वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा से मंजूरी मिल गई। लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े। अगले दिन बिल को राज्यसभा में पेश किया गया। यहां भी लंबी और सार्थक चर्चा के बाद रात करीब 2.50 बजे बिल को पास कर दिया गया। राज्य सभा में बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बिल कानून बन जाएगा।