PM के मंगलसूत्र वाले बयान पर नहीं थम रहा सियासी तूफान, अब अखिलेश यादव की एंट्री; जानिए क्या कहा
Lok Sabha Election 2024 : अखिलेश यादव ने कहा कि भावनात्मक मामले को नहीं छेड़ना चाहिए, लेकिन बीजेपी के लोग इसको छेड़ रहे हैं।
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Lok Sabha Election 2024 : राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिए मंगलसूत्र वाले बयान पर सिसासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की भी एंट्री हो गई है। अखिलेश यादव ने गुरुवार को कन्नौज लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। मंगलसूत्र के सियासी विवाद पर उन्होंने कहा कि यह महिला के लिए, पत्नी के लिए और भारत की संस्कृति के लिए भावनात्मक विषय है।
अखिलेश यादव ने कहा कि ‘भावनात्मक मामले को नहीं छेड़ना चाहिए, लेकिन बीजेपी के लोग इसको छेड़ रहे हैं। इसके पीछे उनकी नीयत है कि लोग इस बहस में उलझ जाएं। ये जानबूझकर अपनी नाकामी छुपाने के लिए कर रहे हैं। चुनाव में उन्हें मंगलसूत्र से क्या लेना-देना है? हमारे मुख्यमंत्री योगी और हमारे प्रधानमंत्री को इससे क्या लेना-देना? वो केवल इसलिए ऐसा कह रहे हैं कि मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।’
PM मोदी ने क्या कहा था?
पीएम मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था- 'ये अर्बन नक्सल वाली सोच... मेरी माताओं-बहनों ये आपका मंगलसूत्र भी बचने नहीं देंगे। इस हद तक चले जाएंगे।' पीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान को कोट कर कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि 'अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति को मुसलमानों में बांट देगी। कांग्रेस का घोषणापत्र कह रहा है कि वे माताओं बहनों के सोने का हिसाब करेंगे, उसकी जानकारी लेंगे और फिर उस संपत्ति को बांट देंगे। उनको बांटेंगे जिनके बारे में मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है।'
'आपकी संपत्ति बांट देंगे'
पीएम मोदी ने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए था- 'पहले जब उनकी सरकार थी, उन्होंने कहा था की 'देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठी करके किसको बांटेंगे? जिनके ज्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे, घुसपैठियों को बांटेंगे। आपकी मेहनत की कमाई का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? क्या आपको ये मंजूर है?' मोदी का इशारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 2006 में की गई विवादास्पद पहला हक टिप्पणी की ओर था।