अपडेटेड 20 October 2024 at 18:39 IST
'भारत में मुसलमानों को अछूत बना दिया गया...', चमोली मामले को लेकर जमकर भड़के AIMIM चीफ ओवैसी
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तराखंड चमोली को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमानों को अछूत बना दिया गया है।
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Asaduddin Owaisi: अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तराखंड के चमोली को लेकर कहा कि भारत में मुसलमानों को अछूत बना दिया गया है। ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि उत्तराखंड के चमोली से 15 मुसलमान परिवारों का बहिष्कार किया जा रहा है।
AIMIM चीफ ओवैसी ने कहा, मुसलमानों को भारत में अछूत बना दिया गया है। उत्तराखण्ड के चमोली में 15 मुसलमान परिवारों का सामूहिक बहिष्कार किया जा रहा है। चमोली के व्यापारियों ने धमकी दी है के 31 दिसंबर तक मुसलमानों को चमोली छोड़ देना होगा। अगर मकान मालिक मुसलमानों को घर देंगे तो ₹10,000 का जुर्माना देना होगा।"
ओवैसी ने उत्तराखंड सरकार को घेरा
उन्होंने आगे कहा, “ये वही उत्तराखण्ड है जहां की सरकार समानता के नाम पर यूनिफार्म सिविल कोड लागू कर रही है। क्या चमोली के मुसलमानों को समानता और सम्मान से जीने का हक नहीं है? मोदी अरब शेखों से गले मिल सकते हैं, तो चमोली के मुसलमानों को भी गले लगा सकते हैं। आखिरकार मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, सऊदी या दुबई के तो नहीं।"
क्या है चमोली का मामला?
उत्तराखंड के चमोली जिले के माइथान गांव में रहने वाले स्थानीय लोगों ने समुदाय विशेष के लोगों को 31 दिसंबर तक गांव छोड़ने की चेतावनी दी। व्यापार मंडल के एक पदाधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि समुदाय विशेष के लोगों को गांव छोड़ने के लिए निर्धारित समय सीमा से पहले ऐसा करना होगा और नहीं करने पर उन्हें तथा उनके मकान मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। माइथान व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों ने तीन दिन पहले बुधवार को एक बैठक में जिले में हो रही आपराधिक गतिविधियों पर चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया। माइथान व्यापार मंडल के अध्यक्ष बलदेव सिंह नेगी ने शनिवार को फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पिछले कुछ समय से पूरे जिले में खासतौर पर महिलाओं से जुड़ी आपराधिक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और इनमें समुदाय विशेष के लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है।
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31 दिसंबर तक माइथान गांव छोड़ने की चेतावनी
उन्होंने कहा, "इस तरह की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए व्यापार मंडल व क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने सभा कर सर्वसम्मति से दो प्रस्ताव पारित किए और दूसरे समुदाय के लोगों को क्षेत्र से बाहर जाने के लिए 31 दिसंबर की मोहलत दी गयी।" चमोली के पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि उन्हें इस निर्णय के बारे में जानकारी नहीं है हालांकि स्थानीय लोगों की मांग पर उस इलाके में बाहरी लोगों का सत्यापन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों द्वारा समुदाय विशेष के लोगों को 31 दिसंबर तक गांव छोड़ने की समयसीमा दिये जाने पर पुलिस कार्रवाई करेगी के बारे में पूछे जाने पर पंवार ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी निर्णय के बारे में जानकारी नहीं है। स्थानीय लोगों ने समुदाय विशेष के लोगों को गांव छोड़ने के अलावा फेरी के नाम पर क्षेत्र में आने वालों के लिए भी 31 दिसंबर के बाद रूकने पर रोक लगायी है।
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Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 20 October 2024 at 18:39 IST