वक्फ कानून पर सरकार को घेरते रहे... जब ओवैसी से पूछ लिया मुर्शिदाबाद हिंसा पर सवाल, AIMIM सांसद पल में बदल गए बात; Video
असदुद्दीन ओवैसी से मुर्शिदाबाद हिंसा पर जवाब पूछा गया। सवाल से बचने की कोशिश करते हुए AIMIM प्रमुख ने कहा कि इस घटना पर पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगिए।
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Asaduddin Owaisi: असदुद्दीन ओवैसी वक्फ कानून को मुसलमानों के खिलाफ बताते हैं। लोगों को सड़कों पर उतरने की अपील करते हैं, लेकिन जब वक्फ कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन से हिंसा फैलती है तो उसके सवालों पर हैदराबादी सांसद ओवैसी बचने की कोशिश करते हैं। रविवार को असदुद्दीन ओवैसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी, जिसमें जब हालिया पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की हिंसा को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने लगभग पल्ला झाड़ लिया और सारी जिम्मेदारी ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर थोप दी।
हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को ऐलान किया कि 19 अप्रैल को हैदराबाद में वक्फ कानून के खिलाफ रैली निकाली जाएगी। ओवैसी ने रैली का पूरा कार्यक्रम बताया और कहा कि 19 अप्रैल को शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक हैदराबाद के दारुस्सलाम में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वक्फ अधिनियम के खिलाफ एक विरोध जनसभा आयोजित की जा रही है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तेलंगाना और आंध्र प्रदेश इकाइयों के सदस्य, अन्य मुस्लिम संगठनों के साथ इसमें भाग लेंगे।
मुर्शिदाबाद से सवाल से बचते दिखे ओवैसी
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी से मुर्शिदाबाद हिंसा पर जवाब पूछा गया। सवाल से बचने की कोशिश करते हुए AIMIM प्रमुख ने कहा कि इस घटना पर पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगिए। बंगाल की सरकार के पास सक्षम लोग हैं। वो लोग आपके सवालों का जवाब दे देंगे। हालांकि ओवैसी ने ये जरूर कहा कि हिंसा की हम निंदा करते आए हैं और करते रहेंगे।
असदुद्दीन ओवैसी ने लगाए कई आरोप
असदुद्दीन ओवैसी ने इस दौरान प्रधानमंत्री को चैलेंज किया और कहा कि मेरा उनसे सवाल है। जब आप कानून ला चुके हैं तो क्या अब संभल की मस्जिद वक्फ की संपत्ति रहेगी। क्या ज्ञानवापी की मस्जिद वक्फ की संपत्ति कहलाएगी। क्या मथुरा की मस्जिद वक्फ की संपत्ति कहलाएगी। जितने भारत में ASI संरक्षित जगहें हैं, आप बताएं कि क्या आप इन्हें वक्फ से छीन नहीं रहे हैं क्या?
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ओवैसी ने आरोप लगाए कि ये भाजपा और एनडीए वाले मुसलमानों को बुरी नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा कि हम सिखों, जैनियों और अन्य लोगों को बताना चाहते हैं कि जब अन्य धर्म के लोग उस बोर्ड का हिस्सा नहीं हो सकते हैं तो फिर और धर्म के लोग वक्फ बोर्ड का हिस्सा कैसे हो सकते हैं? आपको बिल में सेक्शन-3डी पढ़ना चाहिए।