MSP पर कानून कब? कृषि मंत्री शिवराज ने सदन में दिया जवाब, कहा- किसान की सेवा, भगवान की पूजा जैसी

कृषि मंत्री ने कहा कि अभी तक समिति की 22 बैठकें हो चुकी हैं। अभी समिति की रिपोर्ट नहीं आई है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी, सरकार रिपोर्ट पर विचार करेगी।

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Budget Session: राज्यसभा में शुक्रवार को किसानों के मुद्दे पर प्रश्नकाल के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस सांसदों ने सरकार से पूछा कि किसानों को MSP कब दिया जाएगा? समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने सरकार से 12 जुलाई, 2000 को किसानों की समस्याओं पर बनी कमेटी की बैठकों का ब्यौरा जानने के लिए सवाल पूछा। इसपर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब दिया।

सांसद रामजी लाल सुमन के सवाल का जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'सबसे पहले मैं यह कहना चाहूंगा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी आत्मा है। किसान की सेवा करना हमारे लिए भगवान की पूजा करने जैसा है...' कृषि मंत्री ने बताया कि समिति का गठन 3 उद्देश्यों के लिए हुआ- 

  • किसानों को MSP उपलब्ध कराने 
  • व्यवस्था को और प्रभावी बनाने
  • पारदर्शी बनाने पर सुझाव देने के लिए

कृषि मंत्री ने कहा कि अभी तक समिति की 22 बैठकें हो चुकी हैं। लगभग 22 जुलाई से अभी तक 6 बैठकें और करीब 35 उपसमिति की बैठक हो चुकी है। अभी समिति की रिपोर्ट नहीं आई है, समिति अपना काम कर रही है और जैसे ही रिपोर्ट आएगी। सरकार समिति की रिपोर्ट पर विचार करेगी।

'किसानों को दाल पैदा करने दीजिए, हम खरीदेंगे'

कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह चौहान ने सांसद बंसीलाल के सवाल पर UPA और NDA सरकार में MSP पर हुई खरीद के आंकड़े भी सदन के सामने रखे। शिवराज सिंह ने कहा- 'मैं आपको बताना चाहता हूं कि 2004-14 के बीच केवल 6,29,000 मीट्रिक टन दालें खरीदी गईं। मोदी सरकार 1 करोड़ 70 लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी है। ये आंकड़ा UPA सरकार से 25 गुना ज्यादा है। इस बार हमने तय किया है कि मसूर, उड़द और तुअर को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। चिंता मत कीजिए, देश के किसानों को दाल पैदा करने दीजिए, हम खरीदेंगे।'

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शिवराज ने UPA सरकार का कैबिनेट नोट भी टेबल पर रखा। इस नोट में लागत पर 50 फीसदी MSP बढ़ाकर निर्धारित करने से इनकार किया गया था। कृषि मंत्री ने स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें लागू करने से इनकार का भी उल्लेख किया। उन्होंने हंगामा कर रहे विपक्ष के सांसदों पर आरोप लगाया कि ये किसान के नाम पर केवल राजनीति करना चाहते हैं।

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Published By:
 Sagar Singh
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