'दो दर्जन से ज्यादा सपा सांसद हमारे संपर्क में...', ओपी राजभर के बाद अब संजय निषाद का बड़ा दावा, सियासी हलचल तेज
यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा कि ज्वाइन करने से पहले कोई भी खुलासा नहीं करता। आपने देखा होगा कि टीएमसी के सांसद और उद्धव ठाकरे के सांसदों ने भी पहले नहीं बोला।
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UP Politics: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में टूट की खबरों को लेकर सियासी हलचल तेज है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभाषपा प्रमुख ओपी राजभर लगातार दावा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में सपा में बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। अब ऐसा ही बयान निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद की ओर से भी किया गया है।
'हमारी संस्कृति जोड़ने की है, तोड़ने की नहीं'
डॉ संजय निषाद ने कहा कि दो दर्जन से अधिक समाजवादी पार्टी के सांसद हमारे संपर्क में हैं। वह लोग सरकार के साथ जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति जोड़ने की है, तोड़ने की नहीं है। हम लोग भगवान राम के अनुयायी हैं, जिन्होंने निषादराज को गले लगाया। हम लोग उन आक्रांताओं के अनुयायी नहीं हैं, जो गले काटते हैं।
संजय निषाद ने आगे कहा कि मैं छोटी बात नहीं करता हूं, लेकिन गंभीर बात करता हूं। ज्वाइन करने से पहले कोई भी खुलासा नहीं करता। आपने देखा होगा कि टीएमसी के सांसद और उद्धव ठाकरे के सांसदों ने भी पहले नहीं बोला।
‘वोट जाने का खतरा है इसलिए…’
उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरा। संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव ने कभी मुसलमान द्वारा विदेशी धर्म द्वारा कब्जा किए गए मजार मस्जिद दरगाह पर ट्वीट नहीं करते हैं। जहां देखो वहीं सड़क कब्जा करके मस्जिद बनाई गई है, मजार बनाई गई है, उस पर नहीं बोलते हैं क्योंकि वोट जाने का खतरा है।
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ओपी राजभर और अखिलेश यादव में छिड़ी जुबानी जंग
इससे पहले ओपी राजभर ने दावा करते हुए कहा था कि सपा में जल्द ही एक बहुत बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के परिवार के 4-5 लोगों को छोड़कर बाकी सभी नेता और सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार बैठे हैं। उनके इस दावे के बाद से अखिलेश यादव संग जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है।
अखिलेश यादव ने पंचायती राज मंत्रालय में अफसरों से ट्रांसफर के नाम पर एडवांस वसूलने का आरोप लगाया। इस पर ओपी राजभर ने डिंपल यादव और राम गोपाल यादव का नाम लेकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि खनन और गोमती रिवर फ्रंट का पैसा कहां खपा रहे हैं ये बात डिंपल, राम गोपाल यादव और अखिलेश यादव के अलावा ओम प्रकाश राजभर को भी पता है। एक खुलासे से आपकी ये हालत हो गई। फाइलों का पूरा पुलिंदा लेकर बैठा हूं। कांप क्यों रहे हो अखिलेश? आंख खोलते ही बलिया फोन मिला दिए न?